हिमाचल का नाम रौशन करने वाले पूर्व हॉकी स्टार देवेंद्र ठाकुर पुलिस विभाग से हुए सेवानिवृत
बिलासपुर जिले के पूर्व हॉकी स्टार तथा हॉकी खेल के दम पर हिमाचल का नाम पूरे देश में रोशन करने वाले देवेंद्र कुमार ठाकुर पुलिस विभाग से सेवानिवृत हो गए। पुलिस विभाग में 36 साल सेवाएं देने वाले देवेंद्र ठाकुर वर्ष 1984 में बतौर कांस्टेबल भर्ती हुए थे। इन्होंने शिमला फस्र्ट बटालियन जुनगा में अपनी सेवाएं दी जबकि शिमला डिस्ट्रीक्ट, विजीलेंस विभाग में पांच साल (एचक्यू) तथा बिलासपुर में अपनी सेवाएं दी। बिलासपुर शहर के स्वर्गीय प्रभु राम और माता स्वर्गीय कमला देवी के घर 18 जून 1962 को जन्में देवेंद्र ठाकुर की प्रारंभिक शिक्षा बिलासपुर के स्कूलों में हुई। मन में किसी बात को ठान कर पूरा करने के लिए हर जोखिम उठाने वाले देवेंद्र ने किसी भी क्षेत्र में हार नहीं मानी है।
हॉकी और देवेंद्र एक दूसरे के पूरक रहे हैं। बचपन से ही कालेज हॉकी मैदान में इन्होंने अपनी करिश्माई खेल को दिखाना शुरू कर दिया था। स्वर्गीय हॉकी कोच चमन गुप्ता को अपना गुरू मानने वाले देवेंद्र ठाकुर ने स्कूली गेम्स में राष्ट्रिय स्तर पर चौथे स्थान तक पहुँचाया था। गौर हो यह वह समय था जब खेल के मैदान में खिलाड़ियों के लिए सुविधाओं का अभाव था तथा अन्य राज्यों के मुकाबले हिमाचल की टीम को कम आंका जाता था। अनगिनत बार हिमाचल का राष्ट्रिय स्तर पर नेतृत्व करने वाले देवेंद्र ने हॉकी इंडिया कैंप में भी भाग लिया है जो कि गौरव का विषय है। बिलासपुर में हॉकी के जादूगर देवेंद्र ठाकुर ने स्टेट फार्वड मानसिकता के खिलाड़ी होने के साथ-साथ अन्याय के हमेशा धुर विरोधी रहे हैं। पुलिस विभाग और समाज सेवा के क्षेत्र में भी इनकी उपलब्धियों की फेहरिस्त लंबी है। वर्ष 1988 को देवेंद्र ठाकुर सीमा ठाकुर के साथ परिणय सूत्र में बंधे। इनके दो पुत्र विक्रम ठाकुर और शिवम ठाकुर हैं। साढ़े तीन दशक से ज्यादा समय तक पुलिस विभाग में अपनी सेवाएं देने वाले एचएएसआई देवेंद्र ठाकुर को उनके सहयोगियों भावभीनी विदाई दी तथा उनके साथ बिताए पलों को सांझा किया।
