अर्की विकास मंच ने गृह कर में की गई बढ़ोतरी का किया विरोध
अर्की के लोगों का एक प्रतिनिधिमंडल अर्की विकास मंच के तले मंच के अध्यक्ष राकेश भारद्धाज की अध्यक्षता में नगर पंचायत अर्की द्धारा लगाए गए टैक्स के विरोध में एसडीएम अर्की विकास शुक्ला से मिला। इस अवसर पर प्रतिनिधिमंडल ने एसडीएम शुक्ला को एक ज्ञापन भी सौंपा जिसमें बढ़ाए गए गृह कर का विरोध किया गया है।
ज्ञापन में कहा गया है कि अर्की नगर पंचायत द्धारा जो गृह कर अर्की निवासियों पर थोपा गया है वह शिमला शहर की तर्ज पर लगाया गया है जबकि अर्की व शिमला की किसी भी लिहाज से बराबरी नहीं की जा सकती। शिमला प्रदेश की राजधानी के साथ-साथ नगर निगम है जबकि अर्की एक उपमंडल मुख्यालय होने के साथ-साथ नगर पंचायत है। लोगों का कहना था कि अर्की की जनता पर सौ से लेकर आठ सौ प्रतिशत तक टैक्स थोप दिया गया है जबकि यह दस प्रतिशत से किसी भी प्रकार अधिक नहीं होना चाहिए। लोगों ने मांग की है कि गृह कर निर्धारण के लिए वार्ड सदस्य की अध्यक्षता में हर वार्ड की एक कमेटी बनाई जानी चाहिए तथा लोकेशन फैक्टर, जोन सिस्टम, स्टृक्चरल फैक्टर, भवनों की निर्माण अवधि, आक्यूपैंसी फैक्टर तथा यूज़ फैक्टर को ध्यान में रख कर गृह कर का निर्धारण किया जाए। लोगों ने यह भी मांग की है कि कोरोना महामारी को ध्यान में रखते हुए जिस प्रकार सरकार द्धारा आम आदमी को कई जगह छूट दी जा रही उसी प्रकार नगर पंचायत द्धारा भी वर्ष 2018-19 व वर्ष 2019-20 के गृह कर में पच्चीस से पचास प्रतिशत की छूट दी जाए क्योंकि कोरोना काल में लाॅकडाउन के चलते आम आदमी आर्थिक रूप से त्रस्त है। इस अवसर पर अर्की विकास मंच के अध्यक्ष राकेश भारद्धाज, अधिवक्ता देवेंद्र शर्मा, व्यापार मंडल के अध्यक्ष अनुज गुप्ता, प्रभा भारद्धाज, सोनू सोनी सहित नगर के अन्य गणमान्य लोग मौजूद रहे।
