अंशुल की मौत के कारणों की उच्च न्यायालय के किसी जज से कारवाई जाए जांच : बंबर ठाकुर
कांग्रेस पार्टी के प्रमुख नेता एवं पूर्व विधायक बंबर ठाकुर ने बिलासपुर नगर के एक प्रतिष्ठित परिवार से संबन्धित पंडित चमन शर्मा के सुपुत्र अंशुल शर्मा (34 वर्ष ) की 24 जून को मंडी के पधर में हुई मौत पर कई प्रश्नचिन्ह खड़े करते हुए सरकार से मांग की है कि अंशुल की मौत के कारणों का सही पता लगाने के लिए उच्च न्यायालय के किसी जज से जांच कारवाई जाये, ताकि सच्चाई सामने आ सके और सभी दोषी व्यक्ति सलाखों के पीछे जा सकें । उन्होने कहा कि मुझे सरकार और डायरेक्टर जनरल पुलिस संजय कुंडु एवं सी आई डी पुलिस पर भी पूरा विश्वास है कि वे सच्चाई सामने लाकर दोषियों को अवश्य ही कानून के शिकंजे में लाएँगे। बिलासपुर में पत्रकारों को संबोधित करते हुए बंबर ठाकुर ने कहा कि अंशुल शर्मा की मौत साधारण नहीं बल्कि ऐसा प्रतीत होता है कि किसी गहरे षड्यंत्र के अधीन उसकी हत्या की गई है। उन्होने पूछने पर बताया कि उस दिन वे बिलासपुर में थे और उन्हें दीपक शर्मा की धर्मपत्नी ने फोन पर बताया था कि आप के नाम से तथा मेरे पति दीपक के नाम से किसी ने अंशुल के बारे में एक वीडियो फेसबुक पर डाली है और जब मैंने उसे देखा तो दीपक के साथ तत्काल थाना सदर में जाकर उस वीडियो को हटवाने और अंशुल का पता लगाने की शिकायत दर्ज की।
बंबर ठाकुर ने कहा कि यह पता लगाया जाना अत्यंत आवश्यक है कि अंशुल के साथ उस दिन कौन लोग थे और उसे किसने जहर दिया या क्यूँ और किस कारण से उसने जहर खाया तथा किसने उस वीडियो को फेसबुक पर डाला, जिसे थोड़ी देर बाद किसने और क्यूँ डीलीट कर दिया। उन्होने कहा जब वह बिलासपुर थाना में शिकायत दर्ज करवा रहे थे तो फिर उनके नाम का अन्य कौन व्यक्ति था और अन्य वे कौन लोग थे जो उस वीडियो के अनुसार अंशुल के पीछे गाडियाँ लेकर गए थे? बंबर ठाकुर ने कहा कि फेसबुक पर डाली गई वीडियो के अनुसार पिछले 6 महीने से कोई व्यक्ति अंशुल के घर तक उसका पीछा कर रहे थे, जिनका भी मोहल्ले के लोगों और परिवार के सदस्यों से पता किया जाना चाहिए ताकि सच्चाई सामने आ सके।
बंबर ठाकुर ने संदेह व्यक्त किया कि हो सकता है कि उनके राजनैतिक जीवन को तबाह करने के लिए किसी ने अंशुल की हत्या किए जाने से पहले उससे जबरदस्ती मेरे विरुद्ध कहलवा कर उसकी हत्या कर दी हो, जिसकी भी जांच की जानी चाहिए ताकि दोषी व्यक्ति किसी भी सूरत में बच न सके। उन्होने कहा कि पिछले एक सप्ताह से अंशुल किन- किन लोगों के संपर्क में था और किन- किन लोगों से मिलता–जुलता रहा, इसकी सारी जानकारी फोन डीटेल से पता चल जाएगी। बंबर ठाकुर ने कहा कि बिलासपुर की सारी जनता भली-भांति जानती है कि वो कौन लोग हैं, जो उन्हें राजनैतिक हाशिये पर धकेलने के लिए पिछले कितने ही वर्षों से प्रयासरत हैं, जिनका इस हत्या में हाथ होने से नकारा नहीं जा सकता है। बंबर ठाकुर ने कहा कि इस कथित हत्या के कारण चमन का पूरा परिवार गहरे सदमें में है क्यूँ कि अंशुल के पीछे 26 वर्षीय धर्मपत्नी और दो नन्हें नन्हें बच्चे असहाय होकर रह गए हैं। बंबर ठाकुर ने कहा कि उनके लिए चमन का पूरा परिवार बहुत ही आदरणीय और सममाननीय है तथा अपने परिवार की तरह है। उन्होने अंशुल की असमय हुई इस संदिग्ध मौत पर गहरा दुख व्यक्त करते हुए उसके परिजनों से संवेदना प्रकट की है।
