ऑनलाइन डिमांड के कारण ट्रक ऑपरेटरों को हो रही परेशानी
जिला सोलन ट्रक ऑपरेटर का प्रतिनिधिमंडल निदेशक एस डी टी ओ निदेशक नीलम भारद्वाज की अध्यक्षता में ऑनलाइन डिमांड से हो रही परेशानी बारे एसडीएम अर्की विकास शुक्ला से मिला जिसमें उन्होंने बताया कि हमारी गाड़ियां सीमेंट ढुलाई का कार्य करती हैं और कोविड-19 महामारी के चलते लॉकडाउन से पहले डिमांड, डिमांड सभा में होती थी व लॉकडाउन के पश्चात डिमांड को व्हाट्सएप के जरिए किया गया। महामारी के चलते सभी ऑपरेटरों ने लॉकडाउन के नियमों का पालन किया व डिमांड को व्हाट्सएप पर ही सुना जिससे हमें बहुत सी समस्याओं का भी सामना करना पड़ा। परंतु अब सरकार ने लॉकडाउन की प्रक्रिया को समाप्त कर दिया है ओर अनलॉक प्रक्रिया शुरू हो गई है। अनलॉक के पश्चात उक्त सभा में डिमांड ऑफलाइन शुरू की गई जिसमें सभी डिमांड प्रतिभागियों ने सरकार द्वारा तय किए गए नियमों का कड़ाई से पालन किया। सभी ने सोशल डिस्टेंसिंग व मास्क को अपनाया। परन्तु अब डिमांड को ऑनलाइन शुरू करके हमे परेशानी का सामना करना पड़ रहा है।
हिमाचल प्रदेश सरकार द्वारा एक अधिसूचना नंबर पीपीटी-एफ (10) -5/2020 दिनांक 18 अप्रैल 2020 जारी की थी जिसमे ट्रक ड्राइवर को पुकार सुनने के लिए स्वीकृति प्रदान की है। यह तय किया है की डिमांड सुनते वक्त सोशल डिस्टेंसिंग का पालन किया जाए तथा 2 मीटर की दूरी बनाए जाए। डिमांड हाल में 50 से ज्यादा व्यक्तिगत ना हो। सभी ट्रांसपोर्टर ने उपरोक्त सभी नियमों का पालन किया है। उन्होंने कहा कि स्कूल व शिक्षण संस्थान 31 जुलाई 2020 तक बंद रहने की आशंका है। वह बच्चों का गृह कार्य भी बनाए गए व्हाट्सएप ग्रुप में आता है जिसके लिए मोबाइल बच्चों के पास देना पड़ता है व सभी ट्रांसपोर्ट के पास एंड्रॉयड फोन भी नही है या फिर ऑनलाइन डिमांड सुनने के लिए शिक्षित व जानकार नहीं है तथा अधिकांश ट्रांसपोर्ट का यह कहना है कि डिमांड हाल में डिमांड 30 से 45 मिनट में समाप्त हो जाती है। वहीं ऑनलाइन रिमांड के लिए व्यक्ति को तीन से 4 घंटे तक फोन के पास रहना पड़ता है जिससे उन्हें कठिनाई का सामना करना पड़ रहा है।
उन्होंने बताया कि दाड़लाघाट में लगभग चार-पांच सभाएं कार्य कर रही है जिनमें से अधिकांश का कार्य ऑफलाइन ही हो रहे है। उन्होंने कहा कि ड्राइवर यहां वहां आ जा रहे होते हैं। महामारी फैलने का खतरा है लेकिन हम लोग प्रशासन के ध्यानार्थ लाना चाहते हैं कि सभी ड्राइवर व मालिक गाड़ी चलाने के पश्चात अपने घर में ही जाते हैं वहां भी वह सभी सावधानियों का पालन करते हैं। उन्होंने कहा कि डिमांड ऑनलाइन होने की वजह से भ्रष्टाचार की भी आशंका है क्योंकि पूर्व में भी यहां ऐसा हो चुका है। इस दौरान इस प्रतिनिधिमंडल में महेंद्र ठाकुर, नरेश कुमार, मनोज कुमार, राकेश कुमार औऱ किशोरी सहित अन्य ऑपरेटर भी उपस्थित रहे।
एसडीएम अर्की विकास शुक्ला ने उन्हें आश्वासन दिया कि आपकी इस समस्या का शीघ्र ही एक-दो दिन के भीतर ही समाधान कर दिया जाएगा।
