फलोद्यान केंद्र में दूसरे जिले के लोगों को नियुक्ति किए जाने पर स्थानीय लोगों में रोष
फलोद्यान केंद्र (नर्सरी) दाड़लाघाट में मंडी ज़िला के तीन लोगों को नियुक्ति किए जाने को लेकर स्थानीय लोगों में रोष है। लोगों का कहना है कि प्रदेश के मुख्यमंत्री व जल शक्ति मंत्री अपने ज़िले के लोगों की विभिन्न विभागों में नियुक्तियां कर रहे है जिससे पात्र व्यक्तियों को दरकिनार कर भाई भतीजावाद के साथ इलाका वाद को बढ़ावा दिया जा रहा है। दाड़लाघाट के स्थानीय लोग रमेश कुमार, जगदीश कुमार, अशोक, नीम चन्द, नवीन, रमेश शर्मा, सत्यपाल, महेन्द्र व दिनेश सहित अन्य का कहना है कि फलोद्यान (नर्सरी) दाड़लाघाट में बिना किसी सूचना के मंडी ज़िला के तीन व्यक्ति कमलेश, भानुप्रताप व नसवीर की नियुक्ति नियमों को ताक पर रखकर की गई है। लोगों का आरोप है कि इस नर्सरी में नौकरी के लिए स्थानीय रमेश कुमार, जगदीश शर्मा, नीमचन्द, रमेश शर्मा, नवीन व सत्यपाल ने पहले आवेदन किया था लेकिन विभाग में नियुक्त किए गए मंडी ज़िले के तीनों व्यक्तियों को गैर कानूनी तरीके से नियुक्तियां कर दी गई है। लोगों ने कहा कि प्रदेश सरकार के मुखिया द्वारा अपने ज़िले की लोगों को विभाग में नियुक्तियां करना कहीं न कही भाई भतीजावाद को बढ़ावा देना है। लोगों ने सरकार से आग्रह किया है वह इन नियुक्तियों की स्थिति सभी लोगों के बीच रखे। उन्होंने कहा कि अगर सरकार ऐसा नही करती है तो स्थानीय लोग आंदोलन करने से भी पीछे नहीं हटेंगे जिसकी ज़िम्मेदारी सरकार की होगी।
जब इस बारे संयुक्त निदेशक नर्सरी शिमला जेपी शर्मा से बात की गई तो उन्होंने कहा कि यह पद विभाग द्वारा नही भरे जाते है यह पद आउटसोर्स कंपनी के माध्यम से भरे जाते है। उन्होंने ही यह नियुक्तियां की होगी।
