रामलाल ठाकुर ने एक बार फिर बुलंद की भाखड़ा विस्थापितों के हक में आवाज
अखिल भारतीय कांग्रेस कमेटी के सदस्य पूर्व मन्त्री व विधायक श्री नयना देवी जी विधानसभा क्षेत्र राम लाल ठाकुर ने एक बार फिर से भाखडा विस्थापितों के हक में आवाज बुलंद की है। राम लाल ठाकुर ने प्रदेश के मुख्यमंत्री से पूछा है अभी हिमाचल प्रदेश सरकार 26 फरवरी, 2020 को बजट सत्र के दौरान बिलासपुर के भाखडा विस्थापितों के लिए विधानसभा में एक हाई लेवल कमेटी का गठन किया था उस कमेटी में जिला बिलासपुर के वर्तमान चार विधायक भी बतौर सदस्य थे, जिनमे वह भी शामिल हैं। उन सबको अपनी अपनी विधानसभा क्षेत्रों से भाखड़ा विस्थापितों की समस्याओं हेतू रिपोर्ट बना कर सचिव राजस्व विभाग हिमाचल प्रदेश सरकार या जिला उपायुक्त के माध्यम से सौंपनी थी। उन्होंने बताया कि 13 मार्च 2020 बिलासपुर के उपयुक्त के माध्यम से सरकार को बतौर उदाहरण कुछ भखडा विस्थापितों की अवार्ड नकलों सहित जिला उपायुक्त कार्यालय में सौंप दी थी और उस रिपोर्ट में काफी विस्तार पूर्वक भाखड़ा विस्थापितों की समस्याओं को रखा था। लेकिन अभी तक उस रिपोर्ट पर फैसला लेना तो दूर चर्चा भी प्रदेश सरकार कर नहीं सकी है।
राम लाल ठाकुर ने कहा कि वर्ष 1985 में प्रदेश में कांग्रेस की सरकार मुख्यमंत्री वीरभद्र सिंह ने मेरे बोलने पर जिला में मिनी सेटेलमेंट तो करवाया था लेकिन समय बीतता गया भाखड़ा विस्थापितों की समस्याएं विकट होती गई और जिन पर समय समय पर ध्यान दिया जाना था वह दिया नहीं गया और यह समस्याएं जस की तस बनी हुई है। उन्होंने बताया कि जिला बिलासपर के साथ साथ अन्य विस्थापितों में यह रोष है कि उन्हें विस्थापित करने के बाद भाखड़ा ब्यास प्रबंध बोर्ड ने कोई श्रेय नहीं दिया है व न ही केंद्र सरकार ने विस्थापितों के लिए बीबीएमबी में नौकरियों जैसा कोई आरक्षण दिया है। इन हालातों में उजड़ चुके लोग जैसे-तैसे जीवन निर्वाह करने को मजबूर हो चुके हैं। राम लाल ठाकुर ने प्रदेश के मुख्यमंत्री पर तंज कसते हुए कहा कि मुख्यमंत्री अगर आपकी सरकार से इन विस्थापितों की समस्याओं के बारे में कोई नीति निर्धारित नहीं हो पा रही है तो उत्तराखंड में बने टिहरी बांध की नीति से हो कोई प्रारूप ले लो।
