ईमानदारी की मिसाल बना सहलाणा का कमलेश
जहां आज के इस युग में लोग चंद सिक्को की खातिर अपना ईमान खो देते है वहीं कुछ लोगो के दिल मे आज भी ईमानदारी जिंदा है। ऐसा ही वाक्या उपमंडल के गांव सहलाणा में हुआ। सहलाणा गांव के एक दुकानदार ने अपनी दुकान पर आए एक व्यकित द्वारा भूले नोटों से भरा पर्स वापिस कर ईमानदारी की मिसाल पेश की है।
हुआ यूं कि सहलाणा गांव के पास के कल्याणपुर गांव के निवासी प्रांत अर्चक पुरोहित प्रमुख विहिप हिमाचल प्रदेश डा.नर्वदेश गौतम अपने घर से किसी कार्य के लिए गांव सहलाणा आए। वे स्थानीय दुकानदार कमलेश की दुकान में बैठ गए तथा अपने पर्स से ट्रक डृाईवर को अपने घर में चल रहे निर्माण कार्य के लिए सामग्री खरीद के पैसे दिए। इसके पश्चात वे अपने घर को निकल गए तथा अपना पर्स दुकान पर ही भूल गए। अगले दिन जब डा.गौतम को किसी अन्य कार्य हेतू पैसों की आवश्यकता पड़ी तो वे अपना पर्स ढूंढने लगे परंतु उन्हें पर्स नहीं मिला जिस पर वे परेशान हो गए। उन्हें याद नहीं आ रहा था कि वे अपना पर्स कहां भूल गए। इसी उधेड़ बुन में वह घूमते घूमते पुनः कमलेश की दुकान पर पहुंचे जहां दुकानदार कमलेश ने उन्हें बताया कि वे पिछले दिन जल्दबाजी में अपना पर्स यहां पर भूल गए थे जोकि उसने संभाल कर रख लिया था तथा पूरी तरह से तसल्ली करने के बाद वे उस पर्स को उन्हें सौंपने वाले थे। पर्स वापिस पाने पर डा. गौतम ने कमलेश को ईनाम की राशि भेंट करनी चाही जिसे उन्होने लेने से इंकार कर दिया।
डॉ गौतम ने बताया कि पर्स में लगभग पचास हजार रुपये की राशि थी। ज्ञात रहे कि कमलेश की पत्नी मीना देवी पूर्व में बीडीसी सदस्य रह चुकी है। क्षेत्र में कमलेश की ईमानदारी की खूब चर्चा है।
