कृष्ण कालिया को भाया राजीव शर्मा का शिव भजन, बनाया अपना शिष्य
जब कभी अकस्मात भगवान की कृपा किसी पर हो जाए तो उस आनन्द का ठिकाना नहीं रहता और अगर भगवान के इस कृपा रुपी प्रसाद में किसी को गुरु मिल जाए तो उसका तो जीवन ही संवर जाता है। इंसान किसी भी विद्या को ग्रहण करके अपने जीवन में ढाल ले परन्तु जब तक वो किसी को विधिवत रूप से गुरु न माने तब तक वो अज्ञान के अँधेरे में भटकता ही रहता है। संत कबीर ने भी अपने दोहों में गुरु शब्द की महिमा का बखान किया है :
"पंडित यदि पढि गुनि मुये,
गुरु बिना मिलै न ज्ञान |
ज्ञान बिना नहिं मुक्ति है,
सत्त शब्द परमान ||"
भगवान की ऐसी ही असीम कृपा का जीवंत उदाहरण तब देखने को मिला जब जिला सोलन के कुठाड़ से सम्बन्ध रखने वाले राजीव शर्मा ने अभी श्रावण मास में अपना लिखा हुआ शिव भजन "बिगड़ी बना दे मेरी भोले नाथ" रिलीज़ किया। इस ट्रैक को रिलीज़ करने के बाद उन्होंने अपने इस भजन को कृष्ण कालिया जोकि हिमाचल के भजन सम्राट के नाम से प्रसिद्ध अश्वनी शर्मा के गुरु हैं को भी इस भजन का ट्रैक सुनने को भेजा। ज्ञात रहे कृष्ण कालिया हिमाचल में ही नहीं पूरे भारत वर्ष में संगीत प्रेमियों के लिए एक जाना पहचाना नाम है और खासकर आकाशवाणी शिमला के अविस्मरणीय कार्यक्रमों को प्रसारित करने में उनका महत्वपूर्ण योगदान रहा है।
राजीव ने बताया कि इस शिव भजन को सुनने के बाद उन्हें कृष्ण कालिया ने अपना आशीर्वाद प्रदान किया और अपने शिष्य के रूप में स्वीकार करके उनके संगीत के आगामी सफर को एक नई दिशा दे डाली। हालांकि सिंगर राजीव हिमाचल के पुराने कलाकरों जैसे राम शर्मा, बलदेव शर्मा, रौशनी देवी, हेतराम कैंथा, परस राम तोमर, रमेश चन्द्र, इंद्र पाल छाबड़ा आदि का सानिध्य प्राप्त कर चुके हैं पर विधिवत रूप से उन्होंने कृष्ण कालिया को अपना गुरु धारण किया है और अब वे उनके सानिध्य में अपने आगामी संगीत के सफ़र पर निरंतर अग्रसर होंगे।
