टमाटर की फसल बर्बाद, मदद की गुहार......
कुनिहार जनपद सहित आसपास की पंचायतों के अधिकांश लोगों का कृषि व पशुपालन मुख्य पेशा है। ज्यादातर किसान टमाटर,शिमला मिर्च,करेला,तोरी,घीया,बैंगन व धनियां आदि नगदी फसलें उगा कर परिवार का पालन पोषण करते है।जाबल झमरोट,देलगी ,आंजी सहित कई गांवों में इस बार बरसात के दौरान होने वाली टमाटर की फसल खराब हो रही है। टमाटर में सड़न रोग बहुत ज्यादा हो रहा है व इस वर्ष किसानों को एक नई बीमारी से झूझना पड़ रहा है। वीरेंद्र वर्मा,तेग राम वर्मा,हेमराज,विक्रम सिंह,मानक चन्द,रमेश आदि किसानों ने बताया कि पहले टमाटर का पूरा गुच्छा पीला हो रहा है व उसपे जलने का दाग पड़ रहा है।तीन चार महीनों की कड़ी मेहनत के बाद आज जब टमाटर की फसल तैयार थी तो इस बीमारी के कारण अधिकतर टमाटर को नाले में फेंकना पड़ रहा है। किसानों ने प्रदेश सरकार से मांग की है कि सरकार एक ऐसी किसान ऐप बनाए जिससे किसान सीधे विशषज्ञों से जुड़े व अपनी समस्या का हल कर सके।
वन्ही, जब किसानों की इस समस्या के बारे में कृषि विभाग कुनिहार कार्यालय के विषयवाद विशेषज्ञ मनोज शर्मा से बात की गई तो उन्होंने बताया कि किसानों को अपनी टमाटर की फसल को इस बीमारी से बचाने के लिए कुछ सावधानियां अपनानी होगी।किसान टमाटर के पौधे से करीब 1 फुट तक के सभी पतियों को निकाल ले व उन्हें अपने खेतों से दूर ले जाकर दबा दे।साथ ही खेतो में पानी की निकासी करे व एटोमिल की स्प्रे करे।किसान इस तरह की सावधानियां अपना कर टमाटर की फसल को इस रोग से बचा सकते है।
