अपातकालीन स्थिति से निपटने के लिए सभी विभाग 15 दिन के भीतर कार्य योजना करें तैयार : डी सी
आगामी मानसून के मौसम में प्राकृतिक आपदाओं से बचने के लिए जिला ने तैयारियां शुरू कर दी है। सभी विभाग अपातकालीन स्थिति से निपटने के लिए 15 दिन के भीतर कार्य योजना तैयार करें ताकि आपदा के दौरान किसी भी प्रकार की समस्या का सामना न करना पडे और होने वाले नुक्सान को कम किया जा सके। यह बात उपायुक्त बिलासपुर राजेश्वर गोयल ने मानसून सीज़न के लिए तैयार रहने तथा जान-माल की क्षति से बचाव के लिए बुलाई गई अधिकारियों की बैठक को सम्बोधित करते हुए कही। उन्होंने सम्बन्धित विभागों को मानसून में होने वाले नुकसान से निपटने के लिए पूर्व में ही पर्याप्त प्रबन्ध करने और पूरी तरह मुस्तैद रहने के निर्देश दिए।
उन्होंने बताया कि गर्मियों में होने वाली आगजनी की घटनाओं से निपटने के लिए जिला में वन रक्षकों को प्रशिक्षित किया गया है। उन्होंने बताया कि अभी तक जिला में 8 आगजनी की घटनाएं घटित हुुई है जोकि गत वर्ष की तुलना में कम है। उन्होंने बताया कि भविष्य में भी जंगलों को आग से बचाने के लिए सतर्क रहना पड़ेगा। उन्होंने बताया कि पंचायती राज संस्थाओं के सदस्य भी जंगलों को आगजनी की घटनाओं से बचाने के लिए से अपनी महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकते है। उन्होंने बताया कि किसी भी प्रकार की आपदा से निपटने के लिए जिला में आपदा रक्षक तैयार किए गए है ताकि आपदा की स्थिति में आपदा रक्षकों की सेवाएं ली जा सकें।
उन्होंने लोक निर्माण विभाग को भूसखलन वाले क्षेत्रों, खतरनाक सड़कों को चिन्हित् करने के निर्देश दिए। उन्होंने विद्युत विभाग को सुचारू विद्युत व्यवस्था बनाने और पर विद्युत ट्रांसफार्मर के नजदीक क्षेत्र को साफ रखने के निर्देश दिए। उन्होंने नगर परिषद को भी निर्देश दिए की सड़क के किनारे पेड़ों की टहनियों और झाड़ियों छटांई सुनिश्चित करें।
उन्होंने जल शक्ति विभाग को निर्देश दिए की वह जल भण्डारन टैंको और अन्य पेयजल स्त्रोतों को साफ रखने तथा जल निकासी व्यवस्था को सूचारू बनाए ताकि लोगों को स्वच्छ पेयजल आपूर्ति उपलब्ध करवाई जा सके। उन्होंने पेयजल स्त्रोतों का नियमित क्लोरीनेशन करने के भी निर्देश दिए। उन्होंने अधिशाषी अभियन्ता को निर्देश दिए की जिला में हाईड्रेन्टस को सुचारू रूप से फंकशनल रखे और अगर कोई खराब है तो उन्हें ठीक करवाएं और जिन हैंडपम्प में पानी पीने योग्य नहीं है वहां पर बोर्ड लगाए जाए। उन्होंने बताया कि जो लोग बोरबेल लगाने के इच्छुक है वे ग्राउंड वाॅटर ऐथोरटी से अनुमति ले सकते है।
उन्होंने स्वास्थ्य विभाग, एम.सी को निर्देश दिए की वे डेंगू और मलेरिया इत्यादि रोगों से बचने के लिए फोगिंग और स्प्रे करना सुनिश्चित करें। उन्होने सम्बन्धित विभागों के अधिकारियों को मानसून पूर्व तैयारियां करने तथा आपदा प्रबंधन से जुडे सभी संसाधनों की सूची बनाने और सभी आवश्यक वस्तुओं एवं राहत बचाव कार्य में उपयोग होने वाले यंत्र व उपकरणों को दुरूस्त रखने के भी निर्देश दिए।
