कश्लोग में अम्बुजा सीमेंट की खनन इकाई में धमाके से एक परिवार की जान पर बन आई
अम्बुजा सीमेंट की खनन इकाई कश्लोग में ब्लास्टिंग के धमाके से एक परिवार की जान पर बन आई। कश्लोग निवासी रमेश गांधी ने कहा कि अंबुजा सीमेंट कंपनी द्वारा कश्लोग गांव में ऐसी ब्लास्टिंग की गई कि बड़े-बड़े पथरों की बौछारें लगभग 300 मीटर तक पहुंची, जिस कारण मकान पूरी तरह क्षतिग्रस्त हो गया तथा जानमाल के भारी हादसे से वह बाल-बाल बचे। बड़े-बड़े पत्थरों की बौछार रमेश कुमार गांधी के मकान के दरवाजे के पास पड़ी,जिस कारण उसकी बहू व बच्चे एक बड़े हादसे के शिकार से बच गए,क्योंकि बच्चे उस दौरान मकान के आंगन में ही खेल रहे थे,व बहू कपड़े धो रही थी,ब्लास्टिंग के पत्थर उसके तीन-चार इंच दूर पड़े पत्थर इतनी तेजी से पड़े की जमीन में गड्ढे पड़ गए। मकान मे थोड़ी देर के लिए ऐसा लग रहा था कि मकान पूरी तरह गिर गया और मकान के अंदर ही दब गए। बच्चे जोर जोर से रोने बच्चों को अंदर इतना डर बैठ गया कि बच्चे अब यहां रहने से भी इंकार कर रहे हैं। रमेश कुमार ने कहा कि कई बार सरकार प्रशासन व कंपनी प्रबंधन को इस बारे में अवगत करा चुका हूं, मगर सरकार द्वारा कोई भी ठोस कदम लेने के कारण कंपनी अपनी मनमर्जी करके खनन कानून का उल्लंघन कर रही है और प्रशासन को ठेंगा दिखा रही है। कंपनी ब्लास्टिंग नियमों का सरेआम उल्लंघन कर रही है,जबकि सरकार को पूछना चाहिए कि कंपनी ने कुल एक्वायर जमीन का 25% एरिया कौन सा सेफ्टी जोन को छोड़ा है,जो कि अवार्ड में दर्शाया गया है। इस तरह से स्वयं कंपनी नियमों का उल्लंघन कर रही है और यहां कभी भी कोई जान माल का हादसा हो सकता है,जिसकी पूरी जिम्मेदारी सरकार व प्रशासन की होगी।
