एसएचओ दाड़लाघाट ने मानवता का दिया परिचय
एसएचओ दाड़लाघाट ने मानवता का परिचय देकर मिसाल कायम की है। कश्यालु गांव के एक व्यक्ति को उस समय मानसिक परेशानी का सामना करना पड़ा जब उसकी मां को गैंगरिंग हो गई, इस वजह से अपनी मां की टांग कटवानी पड़ी। यही नहीं उसकी मां का कोरोनावायरस टैस्ट करने पर वह कोरोना पॉजिटिव भी आ गई। जब वह व्यक्ति अपनी मां को हॉस्पिटल से घर लाया तो गांव के लोग उनसे दूर-दूर रहने लगे। इस कारण उसे आत्मग्लानि महसूस हुई। अपनी मां को दवाई का प्रबंध होता न देख उसे पुलिस प्रशासन से सहायता लेनी पड़ी। उस व्यक्ति ने पहले तो समीप के स्वास्थ्य कर्मियों तथा सामाजिक बंधुओं से सहायता हेतु गुहार लगाई लेकिन जब उसने देखा कि सभी कोरोना वायरस पॉजिटिव आने के कारण उसकी सहायता करने में आनाकानी कर रहे हैं तो उसने अंत में पुलिस प्रशासन को फोन कर अपनी मां को दवाई का इंतजाम करने की गुहार लगाई और दाड़लाघाट पुलिस के एसएचओ जीत सिंह ने मुश्किल की इस घड़ी में उसकी सहायता करने हेतु स्वयं तुरंत दवाई,फलों तथा अन्य खाद्य सामग्री का इंतजाम कर उसके घर पहुंचे और उस व्यक्ति तथा उसकी मां को जल्द स्वस्थ होने की कामना करते हुए सांत्वना दी। एसएचओ जीत सिंह ने तो मानवता का परिचय देते हुए या अपने कर्तव्य का पालन करते हुए उस पीड़ित महिला की सहायता की और भविष्य में भी किसी भी प्रकार की सहायता करने हेतु कहा। उन्होंने कम से कम समाज को यह संदेश तो दिया ही है कि मानवता के नाते सोशल डिस्टेंस का पालन करते हुए समाज का कोई भी व्यक्ति स्वयंसेवी भावना से इस प्रकार की सहायता कर सकता है।ताकि उस समाज में रहने वाला पीड़ित व्यक्ति आत्मग्लानि महसूस न करे। एसएचओ जीत सिंह ने कहा कि इसी तरह अन्य लोग भी कोविड-19 से बचाव के लिए सरकारी दिशानिर्देशों का पालन करें और कोरोना पीड़ित व्यक्तियों को उनकी पीड़ा में शरीक होकर उनकी सहायता के लिए आगे आकर पुण्य कमाएं। एसएचओ जीत सिंह की टीम में उनके साथ पवन ठाकुर,कर्मचंद,चेतन भी मौजूद रहे।
