घनागुघाट के प्रधान धनीराम रघुवंशी ने सरकार से पशु डिस्पेंसरी को अपग्रेड कर पशु चिकित्सालय बनने की मांग की
ग्राम पंचायत घनागुघाट के प्रधान धनीराम रघुवंशी ने पशु डिस्पेंसरी को अपग्रेड करने हेतु सरकार से अनुरोध किया है। उन्होंने कहा है कि ग्राम पंचायत घनागुघाट में एक पशु डिस्पेंसरी वर्तमान में कार्यरत है,क्योंकि इस क्षेत्र के लोगों का मुख्य व्यवसाय दुग्ध उत्पादन पर निर्भर है,इस कारण पंचायत में पशुओं की संख्या भी दिन-प्रतिदिन बढ़ती जा रही है,जिसमें दुधारू पशुओं की तादाद ज्यादा हो रही है। पंचायत प्रधान ने कहा है कि ऐसे में क्षेत्रवासियों को महसूस हो रहा है कि उक्त पशु डिस्पेंसरी का पशु चिकित्सालय के रूप में अपग्रेड होना अति आवश्यक है।पशु चिकित्सालय के होने से पंचायत वासियों को अपने पशुओं का इलाज करवाने के लिए यहां नजदीकी सुविधा भी मिलेगी व यह कार्य जनहित में भी आवश्यक है। उन्होंने कहा कि इस कार्य को अंजाम देने के लिए उन्होंने पंचायत द्वारा प्रस्ताव विभाग को भेजा था जिसमें सरकारी जमीन की उपलब्धता के कागज भी लगाए गए थे लेकिन अभी तक वन विभाग की ओर से एनओसी न मिलने के कारण यह कार्य लटका हुआ है।उन्होंने कहा कि जिस भूमि का चयन चिकित्सालय हेतु किया गया है उसमें कोई भी पेड़ मौजूद नहीं है,अतः वन विभाग को उसमें एनओसी देने हेतु कोई आपत्ति नहीं होनी चाहिए।पंचायत प्रधान ने सरकार से निवेदन किया है कि यहां के लोगों की कठिनाई को देखते हुए यहां शीघ्र ही पशु चिकित्सालय अपग्रेड किया जाए।ताकि लोगों को अपने पशु का इलाज करवाने या टीका लगवाने कई कई किलोमीटर दूर न ले जाना पड़े।
