सोलन किसान सभा इकाई ने जिलाधीश के माध्यम से मुख्यमंत्री जयराम ठाकुर को भेजा ज्ञापन
सोलन किसान सभा इकाई ने आज सोलन में नकली बीज व दवाओं के विरोध में धरना प्रदर्शन किया व जिलाधीश के माध्यम से मुख्यमंत्री जयराम ठाकुर को ज्ञापन भेजा। किसान सभा का कहना है कि सोलन जिला में भारी बारिश और तूफान से घरों, पशु शालाओं के साथ-साथ फसलों को भारी नुकसान पहुंचा है। इसके उपरांत सोलन क्षेत्र में नगदी फसलें किसानों की मुख्य जीविका का साधन है, जिसमें मुख्य रुप से टमाटर, शिमला मिर्च, मक्की की फसलें हैं। इन फसलों का बीज व दवाईयां निजी कंपनियां बेच रही हैं, जिसकी गुणवत्ता निम्नतम स्तर की पाई गई। सब्जियों व मक्की के बीज रोगाणु ग्रस्त निकले जिस कारण फसल विभिन्न बीमारियों से खराब हो रही है। इसकी रोकथाम के लिए जो कीटनाशक कंपनियां बेच रही हैं, उसके छिड़काव से भी फसलों का बचाव नहीं हो पा रहा है। जो फसल बच जाती है उसका साइज इतना बेतरतीब है कि जिसे न मंडी आढ़ती खरीदते हैं और न ही उपभोक्ता। इस स्थिति के चलते सोलन, कंडाघाट, धर्मपुर व नालागढ़ क्षेत्र के किसानों की सैकड़ों एकड़ जमीन में लगी सब्जियां तथा मक्की बर्बाद हो गई है। हिमाचल प्रदेश किसान सभा की जिला कमेटी सोलन इस ज्ञापन के माध्यम से प्रशासन के सामने अपनी मांगे रखी। इनमे जिला में खराब व निम्नतम गुणवत्ता के बीज व कीटनाशक दवाइयों की विस्तृत जांच, किसानों की फसलों को हुए नुकसान का सर्वे करवाया जाए व किसानों को मुआवजे के तौर पर भरपाई की जाए, किसान विरोधी तीनों कृषि कानूनों को वापिस लिया जाए, वाकनाघाट में प्रस्तावित सब्जी मंडी का निर्माण शीघ्र अति शीघ्र शुरू करवाया जाए, सरकार प्रोसेसिंग उद्योग व कोल्ड स्टोरेज की स्थापना करे, स्वामीनाथन आयोग की तर्ज पर किसानों को फसलों का न्यूनतम समर्थन मूल्य सुनिश्चित किया जाए आदि मुख्य मंगे शमिल है।
