उद्योग ने बिना नोटिस 18 कामगारों को दिखाया बाहर का रास्ता
औद्योगिक क्षेत्र बद्दी के तहत मलपुर स्थित ब्लड इनालाईजर मशीन निर्माता कंपनी ने बिना नोटिस के 18 कामगारों को बाहर का रास्ता दिखा दिया। लॉकडाऊन के बाद जब कामगार उद्योग में नौकरी पर वापिस पहुंचे तो कंपनी ने गेट बंद कर दिए। जब कामगारों ने उद्योग प्रबंधन से गेट बंद करने की वजह पूछी तो प्रबंधन को कोई संतोषजनक उत्तर नहीं दिया। गुस्साए कामगारों ने बिना नोटिस बाहर का रास्ता दिखा जाने पर गेट पर जमकर नारेबाजी की और विरोध प्रदर्शन किया। कामगारों ने श्रम विभाग को लिखित शिकायत सौंपकर उन्हें इंसाफ दिलाने की मांग उठाई है।
मलपुर स्थित ब्लड इनालाईजर मशीन निर्माता कंपनी के कामगारों विरेंद्र, अश्विनी कुमार, करतार चंद, संजय कुमार, सुनील ठाकुर, दीपक, अंकित, सुनील कुमार, दीपक कौशल, सुदेश कुमार, दीवान चंद, संजीव शर्मा, विकास, सुनील, करनैल, अनिल कुमार, राज कुमार व राकेश ने बताया कि लॉकडाऊन के बाद 1 जून से बसें चलना शुरू हुईं और वह 3 जून को कंपनी में पहुंचे। कंपनी में पहुंचकर उन्हें पता चला कि कंपनी 14 दिन के लिए बंद की गई है। जिसके बाद वह श्रम अधिकारी बद्दी से मिले, जिस पर श्रम अधिकारी ने उन्हें आश्वासन दिया कि वह 15 जून को कंपनी जाएं। लेकिन वह जब 15 जून को कंपनी पहुंचे तो कंपनी ने उनका गेट बंद कर दिया और प्रबंधन ने कहा कि आप लोगों को बाहर कर दिया गया है। कामगारों ने आरोप लगाया कि कंपनी ने ठेकेदार के माध्यम से काम करवाना शुरू कर दिया है। श्रम विभाग को शिकायत के बाद जब वह वीरवार को कंपनी गए तो भी प्रबंधन का अडिय़ल रवैया बरकरार था। कामगारों का कहना है उद्योग प्रबंधन ने न तो उन्हें कोई नोटिस दिया और न ही उनका हिसाब किया गया। जिस पर वीरवार को गुस्साए कामगारों ने उद्योग के गेट पर जमकर नारेबाजी की और दोबारा फिर श्रम विभाग को शिकायत सौंपकर उन्हें इंसाफ दिलाने की गुहार लगाई। कामगारों का कहना है कि एक तो पहले ही कोरोना महामारी और लॉकडाऊन के चलते उनके परिवारों को भूखे मरने की नौबत आ गई है ऊपर से उद्योग प्रबंधन धक्केशाही करते हुए श्रम कानूनों और नियमों की सरेआज धज्जियां उड़ा रहा है। कामगारों का कहना है कि अगर उन्हें वापिस काम पर नहीं तो वह सड़कों पर उतरकर विरोध प्रदर्शन और भू ा हड़ताल को विवश हो जाएंगे।
