अर्की में फैली चार अप्रवासी लोगों के कोविड-19 पॉजिटिव होने की अफवाह
अर्की उपमंडल में चार अप्रवासी लोगो के कोविड 19 पॉजिटिव पाने की खबर के चलते अर्की क्षेत्र में भय का माहौल बना हुआ है। लोग किसी भी बाहरी आदमी के अर्की आने पर एकदम चौकन्ने हो जाते है। ऐसा ही वाक्या सोमवार को अर्की में भी हुआ। अर्की प्रशासन द्वारा बायोमेडिकल वेस्ट उठाने के लिए उत्तराखण्ड राज्य से कर्मचारी बुलाए गए एवं उन्हें कार्य करने से पूर्व 14 दिन क्वारंटाइन करने के लिए नगर पंचायत के रैनबसेरा में रखा गया ताकि पुलिस द्वारा उन पर नजर रखी जा सके। परन्तु स्थानीय लोगो को जब यह पता चला तो वे एसडीएम अर्की विकास शुक्ला के आवास पर पहुंच गए तथा उत्तराखण्ड से आए लोगो को पब्लिक के बीच बने रैनबसेरे से कही अन्यंत्र जगह भेजने की मांग करने लगे। स्थानीय लोगो के भय को देखते हुए एसडीएम अर्की विकास शुक्ला ने आबादी से दूर बनी गौशाला में उन लोगो को स्थानांतरित कर दिया।
एसडीएम विकास शुक्ला ने बताया कि उन्हें कई मौकों पर महसूस हुआ है कि लोग बाहरी लोगों के आने से भयभीत हो रहे है। बाकी कई बार बाहर से आये लोगो व अन्य कार्यो के लिए आए कर्मचारियो को आबादी के बीच मे बने क्वारंटाइन सेन्टर में रखा जाता है जिससे लोगो मे इस बीमारी के फैलने का भय व्याप्त हो जाता है। उन्होंने बताया की लोगो का भय सही है लेकिन यदि क्वारंटाइन किए व्यक्ति किसी स्वस्थ व्यक्ति से छ: फीट की दूरी बना कर रखे व 15 मिनट से ज्यादा सम्पर्क में न आये तो किसी को कोई भय नही है। उन्होंने कहा कि यदि कोई क्वारंटाइन व्यक्ति कहीं खुले में घूम रहा है या थूक रहा है तो यह क्वारंटाइन कानून की अवहेलना मान कर उसके खिलाफ आईपीसी धाराओं के तहत मामला दर्ज किया जाएगा और जो नियमो के आधार पर क्वारंटाइन अवधि पूर्ण करें उनसे डरने की कोई आवश्यकता नही है।
उन्होंने लोगो से आह्वान किया कि विभिन्न विकास कार्यो व अन्य सरकारी कार्यो के लिए आने वाले कर्मचारियों को क्वारंटाइन करने में प्रशासन का सहयोग करे एवं भय न करे न ही फैलाए क्योंकि पुलिस, स्वास्थ्य कर्मी एवम साफ्टवेयर की मदद से इन लोगो की हर हरकत पर प्रशासन की नजर है।
