चीड़ की पत्तियों पर आधारित उद्योग स्थापित करने पर अधिकतम 25 लाख का अनुदान
चीड़ की पत्तियों पर आधारित उद्योगों स्थापित करने के उददेश्य से बुधवार को प्रधान मुख्य अरण्यपाल (हैड ऑफ फोरेस्ट फोर्स) अजय शर्मा की अध्यक्षता में बैठक आयोजित की गई। इसमें प्रमुख उद्यमियों व सम्बन्धित वन परिक्षेत्रों के अधिकारियों ने भाग लिया। यह जानकारी देते हुए प्रधान मुख्य अरण्यपाल (हैड ऑफ फोरेस्ट फोर्स) अजय शर्मा ने बताया कि चीड़ की पत्तियों के कारण गर्मियों के मौसम के दौरान जंगलों में आग लगने का खतरा बना रहता है। जंगलों में आग की रोकथाम के लिए प्रदेश सरकार द्वारा गत वर्ष नई परियोजना चलाई गई है। इसके तहत चीड़ की पत्तियों पर आधारित उद्योग स्थापित किए जा रहे है। इसमें सरकार द्वारा उद्यमियों को उद्योग स्थापित करने के लिए मशीनरी पर 50 प्रतिशत अनुदान दिया जा रहा है जोकि अधिकतम 25 लाख रूपये है। उन्होंने बताया कि विपणन के लिए सरकार हर सम्भव सुविधा उपलब्ध करवाएगी व उद्योग के लिए प्रथम वर्ष के दौरान चीड़ की पत्तियां की आपूर्ति में कोई कमी नहीं आने दी जाएगी। उन्होंने बताया कि आईआईटी मंडी द्वारा चीड़ की पत्तियों पर आधारित मशीनरी का निर्माण किया गया है इसे हरियाणा व पंजाब के उद्यमी प्रयोग में ला रहे है। चीड़ की पत्तियों पर आधारित उद्योग स्थापित होने से जहां एक ओर लोगों को स्वरोजगार के अवसर मिल रहे है। वहीं दूसरी और हमारी अमूल्य वन सम्पदा के संरक्षण की दिशा में भी ठोस कार्य हो रहे है। उन्होंने बताया कि प्रदेश के 27 उद्यमियों ने इस प्रकार के उद्योग लगाने के लिए आवेदन किया था। इसमें एक उद्योग ने कार्य करना आरम्भ कर दिया है। इस अवसर पर अतिरिक्त प्रधान मुख्य अरण्यपाल पी0एल0 चौहान, मुख्य अरण्यपाल मंडी उपासना पटियाल, मुख्य अरण्यपाल बिलासपुर आर.एस.पटियाल, वनमण्डलाधिकारी मंडी एस.एस. कश्यप सहित अन्य अधिकारी व उद्यमी उपस्थित थे।
