पुलिस और होमगार्ड कर्मियों का भी हो 50 लाख का बीमा : रामलाल ठाकुर
हिमाचल के वरिष्ठ कांग्रेस नेता पूर्व मंत्री और वर्तमान विधायक रामलाल ठाकुर में कहा है कि लॉकडाउन में लोगों को कंट्रोल करना पुलिस के लिए चुनौती बन गया है।लोग उनसे उलझ भी रहे हैं। जिसके कारण पुलिस कर्मी बड़ी संख्या में संक्रमण की चपेट में आ रहे हैं। इसलिए हिमाचल सरकार को पुलिस व होमगार्ड के जवानों की सुरक्षा के लिए और पुलिस कर्मियों के परिवारों के प्रति भी अपनी ज़िम्मेदारी निभानी चाहिए।
उन्होंने कहा कि सरकार ने कहा है कि यदि किसी डॉक्टर, पैरामेडिकल स्टाफ़, की कोरोना संक्रमण से मृत्यु होती है सरकार उसका 50 लाख का बीमा करवाएगी। यह एक अच्छा कदम है, लेकिन पुलिस के कर्मचारी और होमगार्ड के जवान भी सामान रूप से कोरोना वायरस के खतरे में डॉक्टरों के साथ साथ पहली कतार में हैं। संक्रमित व्यक्तियों के संपर्क में सबसे पहले आने का खतरा भी सबसे ज्यादा इन्हीं कर्मचारियों पर है, क्योंकि जगह जगह पर चेक-पोस्ट तथा नाकों पर जो लोग बाहर से आ रहे हैं, उनकी जांच सबसे पहले पुलिस के जवान और होमगार्ड के जवान कर रहे हैं। सरकार को इनके लिए भी 50-50 लाख के बीमा का प्रावधान करना चाहिए।
ठाकुर ने कहा कि राजधानी दिल्ली में लगभग 70 पुलिसकर्मी कोरोना पॉजिटिव पाए गए हैं। उन्होंनेे कहा कि एक तरफ तो सरकार इन कोरोना योद्धाओं पर फूल बरसा रही है, वहीँ दूसरी तरफ़ उनके डीए में कटौती कर दी है जो सरासर गलत है। होना यह चाहिए था कि डॉक्टर, पैरामेडिक स्टाफ, पुलिसकर्मी और होमगार्ड के जवान जो इस समय हमारी रक्षा में लगे हैं, इनके लिए इस स्वास्थ्य आपातकाल के मद्देनज़र कोई विशेष भत्ता दिया जाए। उन्होंने मांग की कि सरकार इस बारे में तुरंत कोई ठोस कदम उठाएं।
उन्होंने कहा कि दूसरी ओर कोरोना वायरस के चलते यदि सबसे ज्यादा अगर प्रभावित है, तो वह किसान है। एक तो किसानों की फसलों को सही दाम नहीं मिल पा रहा है, किसान अपनी फसल बाज़ार तक नही पहुंचा पा रहे हैं। वहीं दूसरी तरफ हाल ही में ओलावृष्टि से हमारे सेब व आम की फसल और अन्य सीटरस फलों की को बहुत नुक्सान पहुंचा है। ये फसलें लगभग तबाह हो गई हैं। सरकार को तुरंत संबंधित विभागों और अधिकारियों को, किसानों को हुए नुकसान की रिपोर्ट बनाने के आदेश जारी करने चाहिए तथा साथ ही किसानों के लिए राहत पैकेज की घोषणा करनी चाहिए। किसानों ने कर्ज लेकर फसलें लगाई हैं, अब जबकि लॉक डाउन के चलते उन्हें सही मूल्य नहीं मिल पा रहा और फूल इत्यादि तो किसान बाजार तक नहीं पहुंचा पा रहे हैं जिसके कारण किसानों को भारी आर्थिक नुक्सान हुआ है।
ठाकुर ने कहा कि जो लोग फूलों की खेती करते हैं, उन्हें बड़े महंगे बीज लेने पड़ते हैं। अब जब उनकी पूरी फसल ही बाज़ार तक नही पहुँच पाई तो उनके ऊपर बैंक की देनदारी खडी हो गयी है। तो इससे किसानों कर्ज अदायगी करने में कठिनाई होगी। सरकार को किसानों की कर्ज माफी के संबंध में गंभीरता से विचार करना चाहिए क्योंकि अगर हम कॉर्पोरेट फ़र्मों का हजारों करोड़ कर्ज़ माफ कर सकते हैं, तो इस देश की रीढ़ की हड्डी किसानों का कर्जा भी माफ होना चाहिए, यह सरकार का नैतिक कर्तव्य बनता है। पत्रकार वार्ता में जिला कांग्रेस महासचिव संदीप सांख्यान भी उपस्थित रहे।
