कुनिहार : हवन व पुर्णाहुति के साथ 9 दिवसीय श्रीमद देवी भागवत कथा का समापन
रंजीत सिंह । कुनिहार
विकास खंड सोलन के ग्राम पंचायत पट्टा बरावरी के प्राचीन श्री दुर्गा माता मंदिर में आयोजित 9 दिवसीय श्रीमद् देवी भागवत कथा का हवन व पुर्णाहुति के साथ समापन हुआ। 9 दिनों तक काफी संख्या में क्षेत्रवासियों ने अपनी सहभागिता दर्ज कर कथा श्रवण की। विगत 6 मार्च से चल रहे इस भक्ति, शक्ति के अनुष्ठान में पधारे हिमाचल प्रदेश के गौरव विश्वविख्यात कथाव्यास श्रद्धेय श्री शशांक कृष्ण कौशल ने 9 दिन तक भक्तों को जगदंबा के विभिन्न चरित्रों व देवी पूजन के विधानों से अवगत कराया व अनेक सामाजिक कुरीतियों पर करारी चोट की। कथा के अंतिम दिवस उन्होंने रुद्राक्ष, भस्म धारण और तिलक के विषय में बताते हुये कहा कि हर हिंदू का माथा सदा तिलक से अलंकृत होना चाहिए। बिना तिलक के कोई भी कार्य सफल नहीं होते। अपनी इष्ट साधना के अनुसार तिलक लगाएं व किसी भी अन्य तिलक की निंदा न करें।
अपवित्र अवस्था में रुद्राक्ष धारण न करें व अन्य किसी का रुद्राक्ष भी धारण न करें। भस्म धारण करने वाला व्यक्ति साक्षात शिवस्वरूप होता है व यज्ञ से उत्पन्न भस्म ही श्रेष्ठ है।इस अवसर पर मंदिर समिति द्वारा कथाव्यास एवं उनके साथियों का संम्मान किया गया। व्यासपीठ से मंदिर समिति के कार्यकर्ताओं का भी सम्मान किया गया। कथा समाप्ति के बाद विशाल भंडारे का आयोजन किया गया। कथा समिति के अध्यक्ष श्रीराम कौशल, डीडी कश्यप, सुखराम, राम चंद शर्मा, भूपेंद्र व अजित कुमार आदि सदस्यों ने आयोजन को सफल बनाने के लिए दिए सहयोग के लिए संपूर्ण क्षेत्रवासियों का आभार व्यक्त किया।
