AOL : बिलासपुर के तीन बच्चों ने राज्यस्तर पर बढ़ाया जिला का मान
आर्टऑफ लिविंग का उत्कर्ष योग (आर्ट एक्सेल) कोर्स ज़ूम एप पर राज्य स्तरीय शिविर का आयोजन किया गया। बिलासपुर से भी तीन बच्चों ने इसमें भाग लिया। आनन्द और मस्ती से भरपूर इस कोर्स से 8 वर्ष से 13 वर्ष तक की आयु के बच्चे लाभान्वित हुए। मनोरंजन के साथ-साथ अनेक जीवन उपयोगी बातें भी सीखीं। कोर्स प्रशिक्षक श्रद्धा (रुक्मणी) दीदी ने बच्चों को सूर्य नमस्कार, सुदर्शन क्रिया, योग एवं ध्यान के माध्यम से एकाग्रता का अभ्यास, मोबाइल का कम से कम प्रयोग करने, मेडिटेशन एवं प्राणायाम आदि क्रियाओं द्वारा स्वस्थ जीवन शैली सिखाई गई। ब्रेन पावर को बढ़ाने के लिए भी अनेक उपयोगी टिप्स दिए गए। बिलासपुर के तीन बच्चों ध्रुव, पुष्टि और देवन सोनी ने भी इस शिविर में भाग लिया। इन बच्चों ने बताया कि वह पिछले तीन सालों से श्री श्री संस्कार केंद्र बिलासपुर से जुड़े हुए हैं जहां पर उनके साथ और बच्चे भी भौतिक रूप में इससे पहले भी आर्ट एक्सेल का कोर्स कर चुके हैं। बच्चों ने बताया कि बिलासपुर में आर्ट ऑफ लिविंग के प्रशिक्षकों रचना मेहता, मीरा भोगल तथा शिल्पा मेहता आए भी उन्हें बहुत सीखने को मिला है। बच्चों के अभिभावकों ने भी इस कोर्स की भरपूर सराहना की।
क्या है उत्कर्ष योग कार्यक्रम
उत्कर्ष योग कार्यक्रम द्वारा बच्चे में स्वयं उस के लिए और दूसरों के लिए सम्मान की भावना जागृत करना सिखाया जाता है। इस कार्यक्रम में सिखाई जाने वाली श्वास की सरल तकनीकें बच्चे को उसकी नकारात्मक भावनाओं जैसे भय, घबराहट, व्यग्रता, कुंठा, ईर्ष्या आदि को पराजित करने का सरल साधन बन सकती हैं। यह कार्यक्रम संपूर्ण रूप से खेल खेल में सिखाने वाला, सहज, मनोरंजक और आनंद से भरा है। इसके सभी अभ्यास और प्रक्रियाएं प्रतिभागियों की उम्र को ध्यान में रख कर विशेष रूप से रूपांकित की गयी हैं। इस कार्यक्रम में बच्चे दैनिक जीवन के ऐसे नियम सीखते हैं; जो उनमें मित्रवत व्यवहार, क्षमाशीलता और परस्पर सम्मान की भावना को उभारते हैं। उत्कर्ष योग कार्यक्रम बच्चों को अध्यात्म से परिचित कराने का, मानवीय मूल्यों की शिक्षा पाने का, स्व-अनुशासन का और उनके व्यक्तित्व के स्वस्थ व बहुमुखी विकास का सर्वोत्तम मार्ग है।
