अर्की : वीरभद्र सिंह ने न जाने मेरे जैसे असंख्य लोगों की सहायता की होगी - डॉ कविता
प्रदेश के 6 बार मुख्यमंत्री रहे व वर्तमान में अर्की विधानसभा क्षेत्र के विधायक वीरभद्र सिंह के निधन से जहाँ प्रदेश भर में शोक की लहर है,वहीं अर्की विधानसभा के लोगों में भी मायूसी है । वीरभद्र सिंह प्रदेश की राजनीति में एक जाना पहचाना चेहरा था जिसकी चमक पूरे देश में देखी जा सकती थी। वीरभद्र सिंह का वीरवार सुबह बीमारी के चलते निधन हो गया । उनके निधन से उनके चाहनेवालों में गम का माहौल है । उपमण्डल अर्की में वीरभद्र सिंह के चाहने वालों में से एक डॉक्टर कविता जो वर्तमान में अर्की के प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र घनागुघाट में सेवाएं दे रही है। उन्हें जैसे ही आज वीरभद्र सिंह के निधन का समाचार मिला तो वह काफी भावुक नजर आई। डॉ कविता ने कहा कि वह ग्राम पंचायत मान के जयालंग की रहने वाली है । वर्ष 2013 में उनका चयन एमबीबीएस के लिए हुआ था लेकिन उस समय उनका परिवार बीपीएल श्रेणी में था व परिवार की आर्थिक स्थिति भी कमजोर थी । उन्हें व उनके परिवार वालों को एमबीबीएस की पढ़ाई को लेकर होने वाले खर्चे की परेशानी हो रही थी,वहीं पिता का सपना था कि उनकी बेटी डॉक्टर बने । उन्होंने कहा कि उस दौरान किसी ने उन्हें तत्कालीन मुख्यमंत्री वीरभद्र सिंह से मिलने को कहा । उन्होंने कहा कि जब वह प्रदेश के मुख्यमंत्री वीरभद्र सिंह से मिली व अपनी बात उनके सामने रखी तो उन्होंने उन्हें बधाई देते हुए वर्ष 2013 से लेकर 2018 तक की उनकी एमबीबीएस की पढ़ाई का सारा खर्चा उठाया । उन्होंने कहा कि टांडा मेडिकल कॉलेज में उनकी पढ़ाई के दौरान करीब 5 लाख रुपये का खर्च वीरभद्र सिंह ने उठाया था । कविता ने कहा कि वर्ष 2019 में वह डॉक्टर बनी थी व तब से लोगों की सेवा कर रही है । उन्होंने कहा कि वीरभद्र सिंह के निधन से वह काफी दुःखी व भावुक है । उन्होंने कहा कि वीरभद्र सिंह ने न जाने मेरे जैसे असंख्य लोगों की इसी तरह सहायता की होगी। कविता ने कहा कि वह उनसे प्रेरणा लेकर गरीब लोगों की सेवा कर रही है व आगे भी निरंतर करती रहेगी । मेरी ओर से उन्हें इस तरह की सेवा करना उनके लिए सच्ची श्रद्धांजलि होगी ।
