दाड़लाघाट की सड़कों पर उतरे कार्यकर्ता, बंद का किया समर्थन
किसान संगठनों के राष्ट्रव्यापी हड़ताल एवं भारत बंद के आह्वान पर किसान सभा अर्की इकाई एवं छात्र संगठन एसएफआई के बैनर तले मंगलवार को दाड़लाघाट की सड़कों पर सैकड़ों कार्यकर्ताओं ने बंद के समर्थन में बाजार में रैली निकाली तथा धरना प्रदर्शन में भाग लिया। किसान सभा में एवं एसएफआई के कार्यकर्ताओं ने मोदी सरकार के खिलाफ नारेबाजी की तथा बस स्टैंड में एक नुक्कड़ सभा का भी आयोजन किया।
सभा को संबोधित करते हुए किसान सभा के जिला अध्यक्ष रामकृष्ण शर्मा ने कहा कि मोदी सरकार के सत्ता में आने के पश्चात देश के प्रत्येक वर्ग की लूट बढ़ी है। किसानों के हक बने भूमि अधिग्रहण कानून तथा वर्षों पुराने श्रम कानूनों को कमजोर करके उन्हें सरमाएदारों के हक में किया गया। नोटबंदी, जीएसटी जैसे कानूनों से आम जनता की तकलीफों में इजाफा किया गया। देश की सरकारी संपत्ति को पूंजीपतियों के हाथ कौड़ियों के भाव बेचा जा रहा है। मौजूदा कृषि बिल उसी कड़ी का एक हिस्सा है।
शर्मा ने इसके खिलाफ लड़ने हेतु जनता का आह्वान किया। छात्र नेता शिल्पा ने कहा कि छात्रों का सरोकार केवल शिक्षा हासिल करने से नहीं है, बल्कि छात्र किसान के घर से आते हैं इसलिए यह आंदोलन छात्रों का भी है तथा हम इस आंदोलन का समर्थन करते हैं। इस मौके पर अधिवक्ता देव शर्मा ने कहा कि अधिवक्ता वर्ग किसान आंदोलन का पूरा समर्थन करेगा। सभा को अमरचंद गजपति, पंकज शर्मा, रूप चंद ठाकुर ने भी संबोधित किया।
प्रदर्शन में भागीरथ ठाकुर, बृजलाल, मोहनलाल, दिनेश, उर्वशी, वीणा, राहुल, नरेश शर्मा, राजीव ठाकुर, श्यामलाल राठौर, ललित शर्मा, धर्मपाल, तेज सिंह, दीप राम, हरी राम सहित सैकड़ों लोगों ने भाग लिया।
