जसवां प्रागपुर में भाजपा का समाजसेवी पर हमला, राजनीतिक मंशा पर उठाए सवाल
भाजपा मंडल परागपुर के अध्यक्ष विनोद शर्मा और जसवां मंडल अध्यक्ष वरिंदर ठाकुर ने सोशल मीडिया पर सक्रिय एक स्थानीय समाजसेवी की कार्यशैली और राजनीतिक मंशा पर सवाल उठाए हैं। दोनों नेताओं का आरोप है कि संबंधित समाजसेवी क्षेत्रीय मुद्दों तथा प्रदेश की कांग्रेस सरकार की कथित विफलताओं पर मौन रहते हैं, जबकि उनका ध्यान पूर्व मंत्री एवं विधायक विक्रम ठाकुर की आलोचना पर अधिक केंद्रित रहता है।
भाजपा नेताओं ने कहा कि यदि समाजसेवी द्वारा हजारों युवाओं को रोजगार उपलब्ध कराने के दावे किए जा रहे हैं, तो उन्हें इस संबंध में विस्तृत विवरण अथवा श्वेत पत्र जारी कर जनता के सामने तथ्य प्रस्तुत करने चाहिए। उन्होंने कहा कि निजी व्यवसाय को जनसेवा के रूप में प्रस्तुत कर राजनीतिक लाभ लेने का प्रयास नहीं किया जाना चाहिए।
विनोद शर्मा ने आरोप लगाया कि संबंधित समाजसेवी चुनावी समय में ही क्षेत्र में अधिक सक्रिय दिखाई देते हैं और चुनाव समाप्त होने के बाद लंबे समय तक जनता से दूरी बनाए रखते हैं। उन्होंने कहा कि विक्रम ठाकुर ने वर्षों के संघर्ष, संगठनात्मक कार्य और जनसेवा के बल पर अपनी पहचान बनाई है तथा क्षेत्र में सड़क, शिक्षा और अन्य विकास कार्यों को आगे बढ़ाने में महत्वपूर्ण योगदान दिया है।
उन्होंने यह भी कहा कि वर्तमान कांग्रेस सरकार की नीतियों और कार्यप्रणाली पर चुप्पी साधना समाजसेवी के दोहरे राजनीतिक रवैये को दर्शाता है।
विनोद शर्मा और वरिंदर ठाकुर ने कहा कि राजनीतिक महत्वाकांक्षा रखना किसी भी व्यक्ति का अधिकार है, लेकिन भाजपा के मजबूत संगठनात्मक ढांचे और जनाधार को कमजोर करने के प्रयास सफल नहीं होंगे। उन्होंने कहा कि जनता अनुभव, संघर्ष और निरंतर जनसेवा को महत्व देती है तथा इसी आधार पर अपना जनप्रतिनिधि चुनती है।
