सोलन : बॉलीवुड और पहाड़ी गानों ने दूसरी संस्कृति संध्या में सभी को थिरकने पर किया मजबूर
कार्तिक ने हिंदी तो दीपक ने पहाड़ी गाने गाकर बांधा समा
फर्स्ट वर्डिक्ट। सोलन
ग्रीष्मोत्सव-2022 की दूसरी सास्कृतिक संध्या में बॉलीवुड और पहाड़ी गानों ने सभी को थिरकने पर मजबूर कर दिया। कार्यक्रम में एक से बढ़कर एक प्रस्तुतियां दी गई। इस दौरान बीएल सेंट्रल पब्लिक स्कूल के बच्चों ने राज्यस्तानी वेशभूषा में डांस कर सभी कर मन मोह लिया। संस्कृत संध्या में मुख्यातिथि के रूप में साईं संजीवनी अस्पताल के एमडी डॉ संजय अग्रवाल और उनकी पत्नी संगीता अग्रवाल मौजूद रही। इस अवसर पर उन्होंने कार्यक्रम करवाने के लिए क्लब के सभी सदस्यों को शुभकामनाएं दी और कहा कि उनके इस प्रयास से सोलन शहर के साथ-साथ प्रदेश के कलाकारों को भी एक प्लेटफार्म मिल रहा है। इसके साथ ही उन्होंने कहा की इस प्रकार के आयोजन करवाने बहुत मुश्किल है।
ये रहे स्टार कलाकार
संस्कृतिक संध्या में पहले सोलन के जाने-माने कलाकार कार्तिक काशव ने अपनी गायकी से समा बांधा। उनके स्टेच पर आते ही माहौल बन गया। उन्होंने वालीवुड का इन दिनों लोकप्रिय गाना हवाएं से शरुआत की। इसके बाद उन्होंने एक से बढ़कर एक गाने गाकर ऑडियंस का भरपूर मंनोरजंन किया। उन्होंने राता लमियां-लमियां, रश्के कमर और ढोलना जैसे गाने गाकार सभी का मन मो लिया। वहीं, अभी कार्तिक के गानों का नशा पूरी तरह से उतरा भी नही था कि संगड़ाह के रहने वाले गायक दीपक चौहान ने एक के बाद पहाड़ी गाने गाकर एक बार फिर से ऑडियंस को थिरकने पर मजबूर कर दिया। उन्होंने लोकप्रिय पहाड़ी गाना रोज का ड्रामा से शुरु किया। इसके बाद उन्होंने पाता-पानों रा, धारो पांदे लागे, लछी- लछी लोग गलांदे, जैसे सुपर हिट गाने गाए। जिसका लोगों ने खूब लुत्फ लिया।
क्लब के महासचिव अनिल चौहान ने बताया कि सांस्कृतिक संध्या में सिरमौर के गायक दीपक चोहान ने एक से बढ़कर एक प्रस्तुतियां देकर दर्शकों का मन मोह लिया, जबकि अन्य कलाकारों ने भी अपनी बेहतरीन प्रस्तुती दी है। उन्होंने बताया कि पिछले दो वर्षाें में कोरोना महामारी के कारण वह इस आयोजन को नहीं कर पाए थे, लेकिन अब स्थिति सामान्य है।
