दाड़लाघाट : शारदा संगीत कला केंद्र की ओर से हुआ शास्त्रीय संगीत सम्मलेन-2022 का आयोजन
मनाेज शर्मा। दाड़लाघाट
शिव मंदिर दाड़लाघाट के सभागार में शारदा संगीत कला केंद्र दाड़लाघाट की ओर से शास्त्रीय संगीत सम्मलेन 2022 का आयोजन किया गया। कार्यक्रम में राष्ट्रीय सम्मान प्राप्त व वर्तमान में न्यूजीलैंड में भारतीय संगीत के प्रसारक सुखदेव मधुर ने बतौर मुख्यातिथि शिरकत की।सम्मलेन में पंजाब घराना के तबला संयोजक एवं तबला प्रशिक्षण के उत्कृष्ट शिक्षक कश्मीरी लाल व अमर देव अंगरिस विशिष्ट अतिथि रहे।कार्यक्रम का आगाज अतिथियों ने दीप प्रज्वलित कर किया। इस दौरान छोटे प्रशिक्षु कलाकारों ने गुरु वंदना व हनुमान चालीसा का पाठ कर सभागार में मौजूद श्रोताओं को तालियों की बौछार करने पर मजबूर कर दिया। शारदा संगीत कला केंद्र दाड़लाघाट के संचालक टेक चंद करड़ ने अथितियों को स्मृति चिन्ह व शॉल ओढ़ाकर सम्मानित किया। टेक चंद करड़ ने बताया कि कार्यक्रम में प्रस्तुत तबला वादन, गजल व भजन गायन कार्यक्रम को उपस्थित लोगों ने खूब सराहा।
मंच संचालक केशव वशिष्ठ ने बताया कि सम्मलेन के मुख्यातिथि सुखदेव मधुर 1970-80 के दशक में भी दाड़लाघाट में अपने मधुर संगीत व धार्मिक कार्यक्रमों से यहां के लोगों के दिलों में वास करते थे, अब मधुर अपने शिष्यों से मिलने सात समुंदर पार से इस कार्यक्रम में शिरकत करने के लिए काफी अरसे बाद दाड़लाघाट पहुंचे हैं। मधुर व उनके पुत्र बसंत को दाड़लाघाट के शिव मंदिर में आयोजित शारदा संगीत सम्मलेन-2022 में उनके अजीज तथा प्रियजन मिलने आए व गुरु शिष्य की परंपरा को निभाते हुए उनका आशीर्वाद प्राप्त किया। उन्होंने बताया कि रामलीला या अन्य कोई सांस्कृतिक कार्यक्रमों में सभी ने शारदा संगीत सम्मेलन-2022 में दशकों पुरानी याद को शिव देवालय में ताजा कर आनंदमयी महसूस किया। इस दौरान शिव मंदिर दाड़लाघाट में आयोजित तबला वादन व हारमोनियम वादन में अंतरराष्ट्रीय स्तर पर संगीत के क्षेत्र में नाम कर चुके पंडित कश्मीरी लाल, बसंत मधुर, निखिल व राजेश की तबले पर जुगलबंदी ने दाड़लाघाट में बीते दशकों से सोशल मीडिया के माध्यम से देख रहे ग्रामीणों को संगीत सम्मलेन शिव मंदिर में आयोजित कार्यक्रम में आनंदमय वातावरण बना दिया।
जब सुखदेव मधुर ने स्थानीय नृत्य कलाकार स्वर्गीय मेला राम को स्मरण करते हुए अपनी मधुर आवाज में 'मधुबन में राधिका नाचे रे' गाया, तो लोग पुरानी यादों को ताजा कर भाव विभोर हो गए। उन्होंने सांसारिक सुख दुख को लेकर गहन अर्थ वाली गजल को पेश किया। वहीं, इन्होंने एक से बढ़कर एक कार्यक्रम की प्रस्तुति देकर दशकों पुरानी याद को अपने व्याख्यान के माध्यम से ताज़ा कर सभी को पुराने समय की याद व जीवन को अनुकूल वातावरण में जीने का आह्वान किया। इस अवसर पर अमर देव अंगरिस, बसंत मधुर, पूर्व उपप्रधान राजेश गुप्ता, धनी राम चौधरी, केशव वशिष्ठ, भीम सोनी, धनपत चंदेल, बालकराम शर्मा, सीमा शुक्ला, संगीता शर्मा, संचालक टेक चन्द करड़, प्रेम केशव, जय सिंह ठाकुर, बली राम शर्मा, नरेश गौतम, प्रकाश गौतम व कुशल गौतम सहित अन्य मौजूद रहे।
