ग्राम पंचायतों में प्रधान व उप प्रधान पद के लिए लोगों में लगी होड़
पंचायत चुनाव की घोषणा होते ही सभी ग्राम पंचायतों में प्रधान व उप प्रधान का पद पाने के लिए लोगों में एक होड़ सी लग गई है। हर पंचायत में एक अनार सौ बीमार की कहावत चरितार्थ हो रही है। प्रधान व उपप्रधान के लिए ग्रामीण क्षेत्रों में अभी से कई लोग सोशल मीडिया पर अपनी दावेदारी जताने लगे हैं, जबकि असली स्थिति नामांकन पत्र दाखिल करने व नाम वापस लेने के बाद ही पता लगेगी कि मैदान में कितने महारथी खड़े होते हैं। परंतु जिस प्रकार से चुनावी मैदान में उम्मीदवारों ने अपने दांव पेंच लगाने के लिए लंगोट कस दिए हैं, इससे तो साफ लगता है कि इस बार पंचायत चुनाव बहुत ही रोचक होने वाले हैं। इस बारी बेशक ग्राम पंचायतों में पचास प्रतिशत पद महिलाओं के लिए आरक्षित किए गए हैं, लेकिन इन पंचायतों में भी दावेदारों की बड़ी भारी कतार सी लग गई है। कई पंचायतों में महिला उम्मीदवार चुनाव तो लड़ना नही चाहती लेकिन उनके पति देव की इच्छा व आदेश के चलते महिलाओं को भी मैदान में उतरना पड़ रहा है। वहीं प्रदेश सरकार ने सर्वसम्मति से पंचायत प्रतिनिधियों का चयन करने पर उस ग्राम पंचायत को दस लाख तक का पुरस्कार देने की भी घोषणा की है, परन्तु ऐसा नही लग रहा कि कोई भी पंचायत सर्वसम्मति से पंचायत प्रतिनिधियों का चयन कर लेने को कोई मंथन या बैठक कर रही हो। इससे ऐसा प्रतीत होता है कि हर कोई पंचायत प्रतिनिधि बनने का तलबगार है, जिससे कि कोई भी पंचायत में त्याग करने को तैयार नहीं है। वहीं जिन पंचायतों में प्रधान पद महिलाओं के लिए आरक्षित है, वहां पर उप प्रधान पद के लिए दावेदारों की एक लंबी सी फ़ौज भी खड़ी हो गई है। ऐसी पंचायतों में प्रधान पद से ज्यादा उप प्रधान पद के चुनाव रोचक बने हुए हैं। वहीं आगे कांटे की टक्कर देखने को भी मिल सकती है। हालांकि नामांकन पत्र दाखिल करने की प्रक्रिया 31 दिसंबर से शुरू होगी, लेकिन पंचायत प्रतिनिधि बनने को आतुर बहुत से चेहरे अभी से मैदान में उतर गए हैं और अभी से ही जनसमर्थन हासिल करने के लिए सोशल मीडिया के माध्यम से अपना परिचय देने के लिए सक्रिय भूमिका निभा रहे हैं।
