दाड़लाघाट : सड़क के बीचों-बीच पड़ी दरार, बड़ा हादसा टला
मनाेज शर्मा। दाड़लाघाट
जाको राखे साइयां, मार सके न कोए यह उक्ति उस समय चरितार्थ हुई, जब चाखड़ से शिमला जा रही, बस दाड़ला के समीप नौणी गांव पहुंची और जैसे ही बस नौणी गांव की बावड़ी के पास पहुंची, वहां सड़क में बीचों-बीच दरार पड़ रही थी और कुछ राहगीर जो सड़क गिरने के मौके प्रत्यक्षदर्शी बने थे। उन्होंने उस बस को रोकने का इशारा कर दिया। चालक ने तुरंत बस को रोक दिया और जो एक बड़ा हादसा वहां हो सकता था, उससे बस में बैठी लगभग 40 सवारियों की जान बचा ली। बता दें कि 4 दिनों से झमाझम बरस रहे सावन के कारण सड़कों पर कहीं ल्हासे गिर रहे हैं, कहीं बड़ी-बड़ी चट्टानें गिर रही है और कहीं डंगे गिर रहे हैं। इस स्थान पर भी लगभग 10 मीटर सड़क का डंगा गिरकर एक बांस का बीड़ा तथा बड़े पेड़ों को जड़ सहित अपने साथ ले गया। यदि कुछ नेपाली राहगीर वहां न होते तो यही एक बहुत बड़ा हादसा हो सकता था। अब इस सड़क पर छोटे बाहर ही आ जा सकते हैं। बड़े वाहनों को लांघने के लिए पर्याप्त जगह नहीं बची है। इसलिए बसों में यात्रा करने वाले यात्रियों को कई दिनों तक इंतजार करना पड़ेगा। क्योंकि उस डंगे को बनाने में काफी समय लग जाएगा।
