दाड़लाघाट: विभाग की अनदेखी, पेयजल टैंक अपनी बदहाली पर बहा रहा आंसू
कुंहर पंचायत का घड़याच पेयजल टैंक अपनी बदहाली पर आंसू बहा रहा है। टैंक की दीवारें और छत जर्जर होने के कारण गिरने की कगार पर हैं जिससे चार पंचायतों में पेयजल संकट गहरा सकता है। जगह-जगह दरारें पड़ने के कारण टैंक में सांप बिच्छू आसानी से अंदर जा सकते हैं जिससे ग्रामीणों को जलजनित रोग फैलने का डर है। अर्की उपमंडल की कुंहर, जघून, शहरोल, बड़ोग और बलेरा पंचायत को पेयजल मुहैया कराने वाली उठाऊ पेयजल योजना का भंडारण टैंक घड़याच में जंगल के साथ घासनी में बना हुआ है जोकि जर्जर हालत में है। इन पंचायतों के लोग दूषित पानी पीने के लिए मजबूर हैं। इस विषय में लोगों का कहना है कि कई बार मीडिया के माध्यम से संबंधित विभाग को अवगत कराया गया लेकिन विभाग के कान पर जूं तक नही रेंग रही है। विभाग टैंक गिरने का इंतजार कर रहा है। सूचना देने के बाद भी इसे ठीक नहीं करवाया जा रहा है। स्थानीय लोगो ने कहा कि जब से पेयजल योजना का जिम्मा बाहर की कम्पनी को मिला है तब से भंडारण टैंक की मेन्टेनेन्स तक नहीं हो रही है। ग्रामीणों ने करीब छह महीने पहले भी टैंक की खस्ताहालत के बारे में आईपीएच विभाग के जेई मदन शर्मा को बताया था। स्थानीय निवासी ओम प्रकाश ठाकुर, प्रेम लता ठाकुर, अमर सिंह ठाकुर, लाल चंद ठाकुर, कमल ठाकुर, नरपत राम ठाकुर तथा दुर्गा राम ठाकुर ने कहा कि भंडारण टैंक की हालत आज भी ज्यों की त्यों है। टैंक की जर्जर छत कभी गिर सकती है। क्षेत्र की समस्त जनता ने अधिकारियों से आग्रह किया है कि पेयजल भंडारण टैंक का निर्माण शीघ्र अति शीघ्र करवाया जाए।
वहीं, आइपीएच विभाग के जेई मदन शर्मा का कहना है कि उनका विभाग 31 मार्च तक की क्लोज़िंग में ज्यादा व्यस्त था। टैंक की खस्ताहालत के बारे में उच्च अधिकारियों को अवगत करदिया गया है। जैसे ही बजट का प्रावधान होगा इसके स्थान पर दूसरा टैंक जल्द ही बनवाया जाएगा और टैंक से बाहर जाने वाली हर पाइप लाइन को दरुस्त करवाया जाएगा।
