कोरोना संक्रमित व्यक्ति को अंतिम स्टेज पर आने से बचा सकती है जल नेति प्राकृतिक चिकित्सा - डॉ राकेश शर्मा
राजकीय आदर्श वरिष्ठ माध्यमिक विद्यालय धुंदन में भौतिक विज्ञान के प्रवक्ता डॉ राकेश शर्मा ने दावा किया है कि कोरोना संक्रमित व्यक्ति को अंतिम स्टेज पर आने से योग क्रिया जल नेति प्राकृतिक चिकित्सा रोक सकती है। उनका कहना है क्योंकि कोविड-19 के मरीज की वेंटिलेटर पर जाने के बाद रिकवरी मुश्किल हो जाती है, लेकिन जल नेति के साइनोसाइटिस, सर्दी, जुकाम, एलर्जी के इलाज और नासिका मार्ग (नैजल ट्रैक) की साफ सफाई के लिए यह एक भौतिक उपाय माना जाता है, इसके नियमित अभ्यास से दिमाग शांत रहता है और उसकी ग्राह्य क्षमता में वृद्धि होती है। जलनेति योग क्रियाओं की सप्त क्रियाओं में से एक महत्वपूर्ण क्रिया है यह एक ऐसी क्रिया है जिसमें पानी द्वारा योग किया जाता है। इस योग द्वारा नाक की सफाई की जाती है जिस से नासिका मार्ग खुल जाता है और गले तक शुद्ध हवा पंहुचती है जो गले से नाक तक की समस्याओं से छुटकारा दिलाने के लिए सहायक होती है। डॉ राकेश शर्मा का कहना है कि जो लोग सिर दर्द से पीड़ित रहते हैं या जिन्हें एलर्जी की समस्या रहती है आंख गले नाक और कैटरस की बीमारियों से ग्रस्त रहते हैं उन सबके लिए जलनेति क्रिया वरदान सिद्ध हो सकती है, यह एंडोनोइडस और म्युकस मेम्ब्रेन की सूजन को ठीक करने में भी सहायक होती है। उनका मानना है कि पारंपरिक प्राकृतिक चिकित्सक रोग की पहचान और निदान ही शुरु नहीं करते बल्कि पूरे शरीर के स्वस्थ होने और शरीर के नीरोग होने की प्रक्रिया पर अधिक ध्यान केंद्रित करते हैं।
