दाड़लाघाट: बाघल विकास परिषद ग्याणा के प्रतिनिधिमंडल ने मुख्यमंत्री जयराम ठाकुर को सौंपा ज्ञापन
बाघल विकास परिषद ग्याणा का एक प्रतिनिधिमंडल माइनिंग एरिया के लोगों की मांगों को लेकर मुख्यमंत्री जयराम ठाकुर से मिला। इस दौरान प्रतिनिधिमंडल ने मुख्यमंत्री जयराम ठाकुर को ज्ञापन भी सौपा। प्रतिनिधिमंडल ने अंबुजा कंपनी द्वारा की जा रही अवैज्ञानिक तरीके से माइनिंग-ब्लास्टिंग ओर माइनिंग एरिया के लोगों के हितों की रक्षा व वर्ष 1992 में जो लिखित समझौतों को निष्पक्ष रूप से लागू करने के बारे में अवगत करवाया। ज्ञापन के माध्यम से कहा गया कि माइनिंग एरिया के लोगों को प्रत्यक्ष और अप्रत्यक्ष रूप से रोजगार की अनदेखी के बारे में सरकार को अवगत करवाया गया। बाघल विकास परिषद के अध्यक्ष परसराम ने बताया कि वर्ष 1992 में लिखित समझौते के अनुसार लैंड लूजर व प्रभावित परिवारों को अंबुजा सीमेंट कंपनी द्वारा आजतक 30 साल से उनको उनके अधिकारों से वंचित रखा गया है। जिसका मुख्य उदाहरण दाड़लाघाट में ट्रांसपोर्ट सेक्टर है। उन्होंने कहा कि वर्तमान में दाड़लाघाट में 7 सोसायटियां कार्यरत हैं। जिनमें 2868 सदस्य हैं और उनमें से माइनिंग एरिया की 5 पंचायतों के मात्र 601 सदस्य हैं। परस राम ने बताया कि 1992 के कुछ एक महत्वपूर्ण तथ्य है जो लोगों को आजतक भी पता नहीं हैं। जैसे लैंड लूजर व प्रभावित परिवारों को अंबुजा के शेयर में लैंड लूजर परिवारों को अंबुजा शेयर का प्रावधान, लैंड लूजर व प्रभावित कर्मचारी को उनकी योग्यता व अनुभव के आधार पर वेतन व पदभार, सामाजिक स्वास्थ्य सुविधा, जैसे शिक्षा, पेयजल आपूर्ति, 246 / 2002 भूमि अधिग्रहण टेम्परिंग मामला, 1325 बीघा भूमि अधिग्रहण रेवन्यू स्कैम करोड़ों का घोटाला आदि। बाघल विकास परिषद के अध्यक्ष परसराम ने बताया कि उपरोक्त तथ्यों पर सौहार्दपूर्ण वार्तालाप के बाद मुख्यमंत्री जयराम ठाकुर ने कड़ा संज्ञान लेते हुए आश्वासन दिया कि अगर इस तरह की अनदेखी हो रही हैं तो जल्द से जल्द इस समस्या का समाधान किया जाएगा ताकि लैंड लूजर परिवारों के लोगों के हितों की रक्षा की जा सके। इस मौके पर दया राम, रूप राम, नंद लाल, हुकुम चंद भी मौजूद रहे।
