धर्मपुर : मनरेगा व निर्माण मजदूरों की चांदी
फर्स्ट वर्डिक्ट। धर्मपुर
मनरेगा औऱ निर्माण मजदूरों के बच्चों को पढ़ाई के लिए मिलने वाली शिक्षण छात्रवृत्ति में इस वर्ष से तीन गुणा बृद्धि की है। जिसके चलते अब पहली से आठवीं कक्षा तक पढ़ने वाले लड़के व लड़की को 8400 रु वार्षिक सहायता राशी मिलेगी। नॉवीं से दस जमा कक्षा तक पढ़ने वाले बच्चों को 12 हज़ार रुपये वार्षिक तथा बीए/बी एस सीबी काम या इसके समकक्ष शिक्षा ग्रहण करने वाले बच्चों को 36 हज़ार रुपये मिलेंगे।स्नातकोत्तर डिग्री करने वालों को 60 हज़ार रुपये वार्षिक तथा एक या दो साल का डिप्लोमा कोर्स करने वाले बच्चों को 48 हज़ार रुपये तथा पोलिटेकनिक करने वाले बच्चों को 60 हज़ार रुपये वार्षिक सहायता राशी मिलेगी। इंजीनियरिंग, एमबीबीएस औऱ पीएचडी तथा रिसर्च करने वाले विद्यार्थियों को एक लाख बीस हजार रुपये वार्षिक सहायता राशी मिलेगी। इसके अलावा होस्टल में रहने वाले बच्चों को 15 से बीस हजार रुपये वार्षिक इसके अलावा सहायता मिलेगी। मनरेगा व निर्माण मज़दूर फेडरेशन के राज्य महासचिव तथा पूर्व ज़िला परिषद सदस्य भूपेंद्र सिंह ने इसकी जानकारी देते हुए कहा कि उनकी यूनियन ने धर्मपुर विकास खण्ड में दस हजार मजदूरों को पिछले सात सालों में बोर्ड का सदस्य बनाया है जिन्हें ये सहायता राशी प्राप्त होगी। उन्होंने बताया कि यूनियन ने वर्ष 2020 में जिन मज़दूरों ने यूनियन के माध्यम से आवेदन किया था उनकी छात्रवृति की राशी बोर्ड से स्वीकृत होना शुरू हो गई है, जो लंबे समय राजनैतिक हस्तक्षेप के कारण रुकी हुई थी।यूनियन ने रुके हुए सभी लाभ जारी करने के लिए 2 दिसंबर को बोर्ड कार्यालय शिमला पर प्रदर्शन भी किया था।
