जब चिकित्सक ही अस्पताल में सेनिटाइजेशन करेगा तो मरीजो को कौन देखेगा
प्रदेश सरकार द्वारा कोरोना महामारी को फैलने से कैसे रोका जाए जब अधिकतर स्वास्थ्य केंद्रों में सफाई कर्मी के पद खाली चल रहे हो। सफाई कर्मियों के न होने से उक्त चिकित्सालय में तैनात डॉक्टरों को ही मजबूरन स्वास्थ्य केंद्रों की सफाई व्यवस्था कायम रखने के लिए आगे आना पड़ रहा है। कुछ ऐसा ही नज़ारा कंडाघाट ब्लॉक के अंतर्गत आने वाले स्वास्थ्य केंद्र सायरी में देखने को मिला। स्वास्थ्य केंद्र में सफाई कर्मी के न होने के कारण केंद्र में तैनात एक डॉक्टर ने ही अपने कंधो पर सेनेटाइज़ करने का पम्प उठा लिया व चिकित्सालय को सेनेटाइज़ करना शुरू कर दिया। ऐसी स्तिथि देखकर चिकित्सालय में पहुंचे ग्रामीणों ने सरकार के प्रति गहरा रोष व्यक्त किया है।
अधिकतर ग्रामीणों ने कहा कि सरकार द्वारा कोरोना जैसी महामारी पर काबू पाना आसान नहीं है। फ्रंट लाइन वारियर से नवाज़े जाने वाले चिकित्सक जब खुद चिकित्सालय को सेनेटाइज़ कर रहे हैं तो मरीजो की जांच कब करेंगे। सफाई कर्मी न होने की वजह से चिकित्सालय के शौचालयों में गन्दगी पसर रही है। पूर्व प्रधान काहला रोशन लाल ने कहा कि सरकार चिकित्सालय में उचित व्यवस्था के बड़े-बड़े दावे तो कर रही है लेकिन यह दावे कहीं न कहीं खोखले ही है। चिकित्सालय में स्टाफ की कमी चल रही है। सरकार सात दिनों के भीतर स्टाफ को भरे अन्यथा उक्त चिकित्साल को बंद कर दे। जब चिकित्सक खुद ही सेनेटाइज़ेशन करेगा तो मरीज को कब देखेगा।
