कुनिहार : पानी के लिए तरस रहे झमरोट गांव के दर्जनों ग्रामीण, कई बार लगाई विभाग से गुहार
रंजीत ठाकुर। कुनिहार
प्रदेश सरकार के स्वास्थ्य मंत्री के विधानसभा क्षेत्र में पानी की समस्या के हाल बेहाल कुनिहार के समीप झमरोट गांव के दर्जनों ग्रामीण पानी की एक-एक बूंद को तरस रहे हैं। जिला सहित पूरे प्रदेश में हो रही बारिश के बावजूद भी आईपीएच विभाग द्वारा इस गांव के लोगों को पानी मुहैया नहीं कराया जा रहा है। इससे दर्जनों ग्रामीणों को खासी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। उनमें विभाग के प्रति रोष भी बढ़ता जा रहा है। ग्रामीणों ने सरकार व विभागीय अधिकारियों से मांग की है कि जल्द से जल्द पानी की समस्या को दुरूस्त किया जाए। इस गांव में पेयजल समस्या विकराल रूप धारण करती जा रही है। इस मौसम में भी ग्रामीणों को विभाग द्वारा पानी की आपूर्ति नहीं की जा रही है। ऐसे में उन्हें दूरदराज स्थित प्राकृतिक स्रोतों से पानी लाना पड़ रहा है। ग्रामीणों का कहना है कि आईपीएच विभाग द्वारा पिछले एक माह से पानी नहीं छोड़ा जा रहा है और नल सूखे पड़े हैं। घर के कामकाज सहित मवेशियों के लिए पानी की आपूर्ति करना उनके लिए काफी मुश्किल होता जा रहा है।
ग्रामीणों में ज्ञानचंद, रामदेव डीएन परिहार, कामना, शीशराम, विमला देवी, कृष्ण लाल परिहार, हेमराज ठाकुर, विकल परिहार, सुषमा देवी व प्रेमलाल आदि बताया की हमारे गांव में पेयजल का संकट पिछले कई वर्षों से लगातार चलता आ रहा है। कुछ परिवार ऐसे हैं, जिन्हें लंबे समय से जल शक्ति विभाग द्वारा सप्लाई किए जाने वाले पानी की एक बूंद भी उपलब्ध नहीं हुई है। यह लोग गांव के साथ लगते जंगल में नेचुरल सोर्स से पानी इकट्ठा करके एक टूटे हुए टैंक में भरते हैं और उससे पाइप द्वारा गांव के घरों तक पहुंचाते हैं। प्रतिदिन दो से तीन व्यक्तियों को इसी काम के लिए जाना पड़ता है। विभाग द्वारा सप्लाई किए जाने वाला पानी भी जाबल स्थित टैंक से ही सप्लाई किया जाता है। जिसका वितरण इस प्रकार किया जा रहा है कि 10 परिवारों तक वह पानी नही पहुंचता। यही नहीं वितरण करने वाला कर्मचारी कहता है कि मेरा काम चाबी खोलना है पानी किसके नल में नहीं आया यह देखना नहीं है। जेईई कुनिहार एसडीओ सूबाथू एक्सयिन अर्की द्वारा कभी भी ग्राम वासियों की शिकायत पर ध्यान नहीं दिया जा रहा है।
मुख्यमंत्री सेवा संकल्प हेल्पलाइन 1100 पर सभी ने बार-बार शिकायत दर्ज करवाई जिसे 2 महीने बाद बंद कर दिया जाता है जब बंद करने का कारण पूछा जाता है तो बताते हैं कि जेई कुनिहार ने सूचित किया है कि समाधान कर दिया है। वहीं, जब नरेश कुमार एसडीओ आईपीएच सुबाथू से बात की गई, तो उन्होंने बताया की इस समस्या के बारे मुझे पता लगा है। झमरोट गांव की समस्या के लिए विभाग के लोगो को भेजा है सम्स्या का पता करने। समस्या के कारणों का निपटारा करके गांव के सभी परिवारों को पर्याप्त पेयजल आपूर्ति जल्द से जल्द की जाएगी।
