GNA यूनिवर्सिटी में हुआ पंजाब की पहली रोबोटिक सिस्टम इंटीग्रेशन लैब का उद्घाटन
उद्योग 4.0 शिक्षा एवं उन्नत विनिर्माण (एडवांस्ड मैन्युफैक्चरिंग) को सशक्त बनाने की दिशा में एक ऐतिहासिक पहल करते हुए जीएनए यूनिवर्सिटी ने स्कूल ऑफ इंजीनियरिंग, डिज़ाइन एंड ऑटोमेशन में FANUC सेंटर ऑफ एक्सीलेंस (CoE) के अंतर्गत पंजाब की पहली रोबोटिक सिस्टम इंटीग्रेशन लैब का उद्घाटन किया। इस अत्याधुनिक प्रयोगशाला का उद्घाटन चांसलर गुरदीप सिंह सिहरा एवं विनय कुमार एम.के., वाइस प्रेसिडेंट – एचआर, बीडी एवं आईआईआर, FANUC इंडिया लिमिटेड ने किया। इस अवसर पर प्रो-चांसलर जसलीन सिहरा, वाइस-चांसलर डॉ. हेमंत शर्मा, डीन अकादमिक्स डॉ. मोनिका हंसपाल, डीन, स्कूल ऑफ इंजीनियरिंग, डिज़ाइन एंड ऑटोमेशन, डॉ. सी. आर. त्रिपाठी, रजिस्ट्रार डॉ. कुणाल बैंस, अंकित त्रिपाठी, असिस्टेंट मैनेजर – बीडी, FANUC इंडिया प्रा. लि., विक्रमजीत सिंह, असिस्टेंट मैनेजर – सेल्स, FANUC इंडिया, प्रतीक वाधावन, सीईओ, सिस्टेक रोबोटिक्स तथा सुमित सैनी, डायरेक्टर, सिस्टेक रोबोटिक्स भी विशेष रूप से उपस्थित रहे।
नई स्थापित रोबोटिक सिस्टम इंटीग्रेशन लैब विद्यार्थियों को इंडस्ट्रियल रोबोटिक्स, रोबोट प्रोग्रामिंग, पीएलसी इंटीग्रेशन, मशीन विज़न, आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (एआई), स्मार्ट मैन्युफैक्चरिंग तथा इंडस्ट्री 4.0 तकनीकों में व्यावहारिक प्रशिक्षण प्रदान करेगी। FANUC, जो फैक्ट्री ऑटोमेशन के क्षेत्र में विश्व की अग्रणी कंपनी है, 100 से अधिक देशों और 270 से अधिक सर्विस लोकेशनों के माध्यम से अपनी उन्नत रोबोटिक्स एवं सीएनसी तकनीकों द्वारा वैश्विक उद्योगों को सशक्त बना रही है। FANUC सेंटर ऑफ एक्सीलेंस के माध्यम से विद्यार्थियों को विश्वस्तरीय औद्योगिक तकनीकों का व्यावहारिक अनुभव प्राप्त होगा, जिससे उनकी अनुसंधान क्षमता, रोजगार योग्यता तथा भविष्य की उन्नत विनिर्माण तकनीकों के लिए उनकी तैयारी और अधिक मजबूत होगी।
उद्घाटन समारोह के उपरांत जीएनए यूनिवर्सिटी एवं FANUC इंडिया प्राइवेट लिमिटेड के बीच एक समझौता ज्ञापन पर हस्ताक्षर किए गए। इस समझौते का उद्देश्य रोबोटिक्स, इंडस्ट्रियल ऑटोमेशन, स्किल डेवलपमेंट, फैकल्टी प्रशिक्षण, इंडस्ट्री सर्टिफिकेशन, इंटर्नशिप, संयुक्त अनुसंधान तथा तकनीक-आधारित शिक्षा के क्षेत्र में दीर्घकालिक सहयोग को बढ़ावा देना है।
इस अवसर पर चांसलर गुरदीप सिंह सिहरा ने विनय कुमार एम.के. के साथ रोबोटिक्स एवं स्मार्ट मैन्युफैक्चरिंग के क्षेत्र में तेजी से बदलती औद्योगिक आवश्यकताओं पर विस्तृत चर्चा की। उन्होंने आधुनिक उद्योगों की मांगों के अनुरूप अत्यधिक कुशल मानव संसाधन तैयार करने की आवश्यकता पर बल देते हुए कहा कि पंजाब की पहली FANUC रोबोटिक सिस्टम इंटीग्रेशन लैब की स्थापना विश्वविद्यालय के लिए गर्व का विषय है। उन्होंने कहा कि यह प्रयोगशाला रोबोटिक्स शिक्षा, नवाचार तथा उन्नत विनिर्माण तकनीकों के क्षेत्र में उत्कृष्टता का केंद्र सिद्ध होगी।
प्रो-चांसलर जसलीन सिहरा ने जीएनए यूनिवर्सिटी एवं FANUC इंडिया के बीच हुए इस सहयोग की सराहना करते हुए कहा कि इस प्रकार की साझेदारियां विद्यार्थियों को वास्तविक औद्योगिक अनुभव प्रदान करने तथा उन्हें तकनीक-आधारित भविष्य के करियर के लिए तैयार करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाती हैं।
इस अवसर पर FANUC इंडिया प्राइवेट लिमिटेड के वाइस प्रेसिडेंट विनय कुमार एम.के. ने जीएनए यूनिवर्सिटी में उपलब्ध विश्वस्तरीय अधोसंरचना एवं आधुनिक तकनीकी सुविधाओं की सराहना की। उन्होंने कहा, "जीएनए यूनिवर्सिटी ने रोबोटिक्स एवं ऑटोमेशन शिक्षा के लिए एक उत्कृष्ट इकोसिस्टम विकसित किया है, जो भारत सरकार के कौशल विकास एवं उद्यमिता मंत्रालय द्वारा संचालित इंडियास्किल्स एवं वर्ल्डस्किल्स प्रतियोगिताओं के उद्देश्यों के अनुरूप है।" उन्होंने इंडियास्किल्स प्रतियोगिता में जीएनए यूनिवर्सिटी के विद्यार्थियों द्वारा उत्तर भारत (रीजनल स्तर) पर स्वर्ण पदक तथा राष्ट्रीय स्तर पर कांस्य पदक जीतने पर विश्वविद्यालय को बधाई देते हुए कहा कि यह उपलब्धि कौशल-आधारित शिक्षा एवं उन्नत विनिर्माण तकनीकों में विश्वविद्यालय की उत्कृष्टता को दर्शाती है।
कार्यक्रम में अतिथियों का स्वागत करते हुए डॉ. सी. आर. त्रिपाठी, डीन, स्कूल ऑफ इंजीनियरिंग, डिज़ाइन एंड ऑटोमेशन ने इस सहयोग तथा नई प्रयोगशाला के महत्व पर प्रकाश डालते हुए कहा, "रोबोटिक सिस्टम इंटीग्रेशन लैब केवल एक नई प्रयोगशाला नहीं है, बल्कि यह नवाचार, कौशल विकास एवं अनुप्रयुक्त अनुसंधान का केंद्र है, जिसे सीएडी, सीएएम एवं सीएनसी सिम्युलेटर जैसी आधुनिक प्रयोगशालाओं के साथ एकीकृत किया गया है।
वाइस-चांसलर डॉ. हेमंत शर्मा ने स्कूल ऑफ इंजीनियरिंग, डिज़ाइन एंड ऑटोमेशन को पंजाब की पहली FANUC रोबोटिक्स सिस्टम इंटीग्रेशन लैब स्थापित करने पर बधाई देते हुए कहा कि विश्वविद्यालय निरंतर उद्योगोन्मुख शिक्षा वातावरण तैयार करने की दिशा में कार्य कर रहा है।
डीन अकादमिक्स डॉ. मोनिका हंसपाल ने कहा कि FANUC इंडिया के साथ यह सहयोग अनुभवात्मक (एक्सपीरिएंशियल), उद्योग-समन्वित तथा परिणाम-आधारित शिक्षा को सुदृढ़ करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण उपलब्धि है। उन्होंने कहा, "यह अत्याधुनिक प्रयोगशाला विद्यार्थियों को व्यावहारिक शिक्षा, नवाचार, बहुविषयक अनुसंधान, इंडस्ट्री सर्टिफिकेशन, इंटर्नशिप एवं कौशल विकास के नए अवसर प्रदान करेगी।"
कार्यक्रम का समापन "रोबोट्स से स्मार्ट फैक्ट्री तक: एआई के साथ विनिर्माण के भविष्य का निर्माण" विषय पर आयोजित एक घंटे के विशेषज्ञ सेमिनार के साथ हुआ, जिसे विनय कुमार एम.के. एवं अंकित त्रिपाठी ने संबोधित किया। इस दौरान उन्होंने इंडस्ट्रियल रोबोटिक्स के विकास, कोलैबोरेटिव रोबोट्स (कोबोट्स), विनिर्माण में आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस, इंडस्ट्रियल इंटरनेट ऑफ थिंग्स (IIoT), डिजिटल ट्विन्स, प्रेडिक्टिव मेंटेनेंस तथा पारंपरिक उत्पादन इकाइयों को स्मार्ट फैक्ट्री में परिवर्तित करने की प्रक्रिया पर विस्तृत जानकारी दी। विशेषज्ञों ने बॉडी-इन-व्हाइट (BIW) मैन्युफैक्चरिंग प्रक्रिया में रोबोटिक्स के विभिन्न अनुप्रयोगों को भी विस्तार से प्रस्तुत किया।
