प्रदेश संस्कृत अकादमी के पूर्व सचिव कि मुख्यमंत्री से मांग, दाड़ला में बनाया जाये मिनी सचिवालय
प्रदेश संस्कृत अकादमी के पूर्व सचिव डॉ मस्त राम शर्मा ने कहा है कि दाड़लाघाट उपतहसील के तहत 2 सीमेंट कारखाने लगे हुए हैं। लोगों को लोक निर्माण विभाग, जल सिंचाई विभाग, विद्युत विभाग, वन विभाग व राजस्व विभाग के कार्यों के लिए दाड़लाघाट और अर्की जाना पड़ता है। मांगल क्षेत्र दाड़लाघाट से लगभग 25 किलोमीटर दूर पड़ता है, जिस कारण सारे काम एक दिन में संपन्न नहीं हो सकते।उन्होंने कहा कि दाड़ला में करीब 50 बीघा भूमि पशुपालन विभाग को पशु अस्पताल, दुग्ध संयंत्र तथा भेड़ों आदि को पालने के लिए दी गई थी। वर्तमान में इस भूमि पर ऐसा कोई भी कार्य नहीं हो रहा है,जिससे लोगों को लाभ मिल सके। दूध संयंत्र आदि को यहां स्थानांतरित कर रामपुर व शिमला आदि क्षेत्र में भेज दिया गया है। यह भूमि 3 दशकों से बेकार पड़ी है।उन्होंने मुख्यमंत्री जयराम ठाकुर से आग्रह किया है कि इस भूमि पर एक मिनी सचिवालय बनाया जाए, जिसमें सभी विभागों को स्थानांतरित किया जाए ताकि लोगों को एक स्थान में सभी सुविधाएं प्राप्त हो सकें।
