श्री राम कथा का चौथा दिन : आचार्य भगत राम ने दिए प्रवचन
हमें कपटी व दुर्जन लोगों से हमेशा दूरी बनाकर रखनी चाहिए नहीं तो यह लोग पूरे परिवार पूरे समाज को संकट में डाल देते है। जैसे दासी मन्थरा ने कैकेई को बहकाकर श्री राम को 14 वर्ष का वनवास दिलवाकर पूरी अयोध्या वासियों को गमगीन कर दिया था। यह बात कुनिहार के गाँव नमोल मंगला माता मंदिर प्रांगण में चल रही श्री राम कथा के चौथे दिन आचार्य भगत राम नड्डा ने अपने प्रवचनों के दौरान श्रोताओं से कही। आचार्य ने कथा को आगे बढ़ाते हुए कथा के चौथे दिन भगवान श्री राम व भाईयो की शिक्षा दीक्षा से लौटने के बाद जब भगवान श्री राम को अयोध्या का राजा बनाए जाने का निर्णय लिया गया तो किस तरह दासी मन्थरा के बहकावे में आकर रानी कैकेई ने राजा दशरथ से अपने दो वचन मांगे जिसमे भरत के लिए राज्य व श्री राम के लिए 14 वर्ष का वनवास मांगा। भगवान राम को 14 वर्ष वनवास की बात सुनते ही पूरी अयोध्या गमगीन हो गई। कथा वाचक द्वारा अपनी मधुर व ह्रदय विदारक वाणी से इस प्रषंग को सुनाकर पूरे पंडाल में श्रोताओं को मंत्रमुग्ध कर दिया। कथा के उपरांत आयोजकों द्वारा भण्डारे का आयोजन किया जा रहा है। इस कथा को 24 नवम्बर को विराम दिया जाएगा। आज इस अवसर पर कृष्ण लाल, मेहर चंद, ओमप्रकाश, राजेन्द्र, जयपाल, पुनित, पीयूष, रूबल, नरेश, मान सिंह, रिखीराम, नवीन, दीपक, पूनम, निर्मला, इंद्रादेवी, रमा, संगीता आदि मौजूद रहे।
