बागवानों के लिए खुशखबरी, अब कोल्ड स्टोर, पैकेजिंग और ग्रेडिंग मशीनें स्थापित कर सकेंगे बागवान
प्रदेश सरकार अब बागवानों की परेशानियां दूर करने के लिए कोऑपरेटिव किसानी उत्पादक संगठन (एफपीओ) गठित करने की योजना बनाने में जुट गई है। बागवान अब जल्द ही स्वयं कोल्ड स्टोर, पैकेजिंग और ग्रेडिंग मशीनें स्थापित कर सकेंगे। किसानों-बागवानों को उनकी उपज के लिए बाजार और बिचौलियों से मुक्ति दिलाने के लिए सहकारिता विभाग प्रदेश में सौ एफपीओ बनाने जा रहा है। केंद्र सरकार ने 6865 करोड़ रुपये के बजट प्रावधान से देशभर में नई योजना शुरू की है। योजना को हिमाचल की जरूरतों के हिसाब से सहकारिता विभाग तैयार कर रहा है। कृषि भूमि उपजाने वाले नए संगठनों का निर्माण और उन्हें प्रोत्साहित करने के लिए केंद्र सरकार ने यह योजना शुरू की है। योजना में किसानों-बागवानों को आर्थिक सहायता देकर उन्हें समृद्ध बनाया जाएगा। इसके लिए एफपीओ बनाना होगा। केंद्र सरकार ने 10,000 नए एफपीओ बनाने की मंजूरी दी है। इसी कड़ी में प्रदेश में इस वित्तीय वर्ष में सौ संगठन बनाने का फैसला लिया है। हर संगठन में कम से कम 100 किसान-बागवान शामिल करना अनिवार्य रहेगा। प्रदेश में पहले से गठित करीब 40 कोऑपरेटिव सोसाइटियों को एफपीओ के तौर पर तबदील करने की योजना है। इस बारे में सहकारिता मंत्री सुरेश भारद्वाज ने बताया कि एफपीओ किसानों-बागवानों का एक समूह होगा। जो कृषि-बागवानी उत्पादन कार्य में लगा हो, इस संगठन के माध्यम से खाद, बीज, दवाइयों और कृषि उपकरण खरीदना आसान होगा, जल्द योजना को अंतिम रूप देकर कैबिनेट की मंजूरी के लिए भेजा जाएगा।
