प्रदेश कि जनता के प्रति सरकार हितैषी नहीं : AAP
हिमाचल प्रदेश आम आदमी पार्टी के प्रवक्ता एस० एस०जोगटा ने हिमाचल प्रदेश सरकार पर खासकर ए पी एल परिवारों की भावनाओं को जहां एक सोची समझी चाल के साथ ठेस पहुंचाने का प्रयास किया है। वहीं सरकार ने इस बात को साबित भी कर दिया है कि प्रदेश कि जनता से सरकार को अब कोई सारोकर नहीं रहा। अर्थात सरकार गरीब जनता की हितेषी नहीं है।
उदाहरणतया
हिमाचल सरकार ने दिवाली से पहले नवंबर की शुरुआत में ही करीब 11 लाख एपीएल कार्ड धारक परिवारों को एक और झटका दिया है जैसे कि डिपुओं में मिलने वाला सरसों का तेल बुधवार से छह रुपये प्रति लीटर महंगा मिलेगा। यही नहीं, माश, मलका मसूर और चना दाल के दाम भी पांच-पांच रुपये प्रतिकिलो बढ़ा दिए हैं। कोरोना काल और त्योहारी सीजन में उपभोक्ताओं पर महंगाई की मार पड़ी है। राशन डिपो संचालकों को मंगलवार को ही खाद्य आपूर्ति विभाग की ओर से राशन के दामों की नई सूची जारी हुई है जिसके तहत सस्ते राशन के डिपुओं में अक्तूबर में 97 रुपये प्रति लीटर मिलने वाला सरसों का तेल नवंबर से 103 रुपये में मिलेगा। मलका-मसूर की दाल 55 से 60 रुपये प्रति किलोग्राम, दाल चना 45 से 50 रुपये, जबकि माश की दाल के दाम 55 से बढ़ाकर 60 रुपये प्रति किलो कर दिए गए हैं।
बता दें कि प्रदेश सरकार ने पहले टैक्स देने वाले उपभोक्ताओं को सस्ते राशन से बाहर कर दिया और अब राशन के दाम बढ़ाकर निम्न मध्यवर्गीय परिवारों को बहुत ही बड़ा झटका साबित होगा। ,इसके बावजूद हिमाचल प्रदेश सरकार की प्रदेश की जनता को उनके उपयोग में आने वाली खाद्य सामग्री एवम् रोज मर्रहा की तमाम वस्तुओं के बहुत ज्यादा बड़े हुए दाम आम आदमी की पहुंच के बाहर हैं। उधर से इसकी एवज में प्रदेश सरकार के खाद्य एवम् आपूर्ति मंत्री ने उक्त खाद्य वस्तुओं के दाम तो नहीं घटाने के बजाए भड़ा दिए। इसी एवज में जनता का ध्यान भटकाने के लिए प्रदेश की बच्चों रूपी जनता को ठगने के लिए मात्र 100 ग्राम चीनी करोना काल तथा त्योहारों वाले सीजन खासकर दीपावली के उपलक्ष में उपहार स्वरूप प्रदान करने का असफल प्रयास किया।
