एसएमसी शिक्षकों को बेहतर सुविधाएं दे सरकार: सुरेंद्र पुंडीर
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हिमाचल प्रदेश विद्यालय प्रवक्ता संघ जिला सिरमौर ने शिक्षा मंत्री एवं शिक्षा विभाग के उच्च अधिकारियों से निवेदन किया है कि लगातार 15 वर्षों से कम वेतन एवं कठिन परिस्थितियों में हिमाचल प्रदेश की दूरदराज के क्षेत्रों में सेवाएं दे रहे एसएमसी शिक्षकों को बेहतर सेवा सुविधाएं दी जाएं। प्रवक्ता संघ जिला सिरमौर अध्यक्ष सुरेंद्र पुंडीर, राज्य वरिष्ठ उपाध्यक्ष नरेंद्र नेगी, जिला महासचिव डॉ. आईडी राही, वरिष्ठ उपाध्यक्ष ओम प्रकाश शर्मा, कोषाध्यक्ष विजय वर्मा, पूर्व जिला अध्यक्ष रमेश नेगी पूर्व महासचिव संजय शर्मा राज्य कार्यकारिणी सदस्य ने सरकार से मांग की है कि जब तक एसएमसी शिक्षकों के लिए स्थाई नीति नहीं बनती तब तक कम से कम इन शिक्षकों को अनुबंध के बराबर वेतन, यात्रा भत्ता एवं आकस्मिक तथा विशेष अवकाश आदि सभी सुविधाएं दी जाएं।
प्रवक्ता संघ ने आश्वस्त किया है कि यदि यह आधारभूत सेवा सुविधाएं इन शिक्षकों को दी जाती है तो यह शिक्षक भी अन्य शिक्षकों की भांति सभी कार्य को करने के लिए सहज तैयार होंगे ।
दरअसल हाल ही में शिक्षा विभाग द्वारा खेलकूद प्रतियोगिताओं में एस एम सी शिक्षकों को ना भेजने के निर्देश दिए गए हैं जिसके कारण दूर दराज के क्षेत्रो में जहां अधिकतर विद्यालय केवल ओर केवल एस एम सी शिक्षकों के सहारे चल रहे हैं वहां असमंजस की स्थिति पैदा हो गई है क्योकि एक तरफ कुछ आहारण एवं वितरण अधिकारी इन निर्देशों के तहत एस एमसी शिक्षकों को अपने विद्यालय संस्थान से बाहर नहीं भेज पा रहे हैं वहीं खेल जगत से जुड़े शिक्षक जो दिन रात कड़ी महनत से विद्यार्थीयो को इन प्रतियोगिताओ के लिए तैयार करते हे वह शारीरिक शिक्षक भी प्रतियोगिताओ मे प्रतिभागियों के साथ न हो कर अपमानित महसूस कर रहे हैं। ऐसी परिस्थिति में खेलकूद प्रतियोगिताओं के लिए जाने वाले शारीरिक शिक्षकों एवं अन्य महिला शिक्षकों को अन्य कर्मचारीयो के समान बेहतर सेवा सुविधा दिए जाना नितांत आवश्यक है।
जिला अध्यक्ष सुरेंद्र पुंडीर ने कहा कि जिला सिरमौर के दूरदराज के अधिकतर विद्यालय केवल और केवल एस एम सी शिक्षकों के द्वारा चलाए जा रहे हैं और वर्तमान में धड़ाधड़ हो रहे स्थानांतरण के बाद इन शिक्षको पर कुछ विद्यालयो का सम्पूर्ण उत्तरदायित्व भी आ गया हैं । अत प्रवक्ता संघ माननीय शिक्षा मंत्री महोदय एवं शिक्षा निदेशक से एस एमसी शिक्षकों को खेलकूद प्रतियोगिताओं में ना भेजने के आदेश को संशोधित कर उन्हें संपूर्ण यात्रा भत्ता एवं अन्य कर्मचारियों के अनुरूप सुविधाए के साथ भेजने के निर्देश जारी करने तथा इसके लिए विशेष बजट का प्रावधान करने का निवेदन करता है ताकि यह शिक्षक भी आत्मसम्मान के साथ विद्यालय की शैक्षणिक एवं अन्य सभी गतिविधियों में अन्य शिक्षकों की भांति अपनी सेवाएं दे पाए।
