गांव गवाह को प्रस्तावित पंचायत बरायली में जोड़ने को लेकर ग्रामीण नाखुश
ग्राम पंचायत दाड़लाघाट के गांव गवाह के लोगों ने प्रस्तावित पंचायत बरायली में जोड़ने को लेकर उपायुक्त सोलन को लिखे एक पत्र के माध्यम से आपत्ति जताई है। स्थानीय लोगों में बालक राम शर्मा, रमेश कुमार, प्रदीप कुमार शर्मा, हीरा लाल, बनिता, अनिल शर्मा, जयदेई, ललित, राहुल शर्मा सहित अन्य ग्रामीणों का कहना है कि सरकार द्वारा जारी अधिसूचना के अनुसार गांव गवाह को नवगठित किया जा रहा है, जो कि पंचायत बरायली में डाला जाएगा। इसको लेकर गांव गवाह के ग्रामीणों ने अपना विरोध जताते हुए कहा है कि गांव गवाह जो कि दाड़लाघाट के बिल्कुल साथ में है। इसकी राजस्व सीमा इस क्षेत्र के साथ लगती है व इस गांव के लोगों की आधी जमीन गांव दाड़लाघाट में भी पड़ती है तथा गांव गवाह से दाड़लाघाट पंचायत की दूरी मात्र 100 से 300 मीटर तक है और बरायली की दूरी 1500 से 1800 मीटर है। लोगों ने कहा है कि सुविधानुसार वह दूरी को देखते हुए दाड़लाघाट ही सर्वोत्तम स्थान है। यहां के लोगों का व्यवसाय व काम धंधा, स्कूल, अस्पताल, बिजली, पानी, विभाग, कॉलेज, उप कोषागार, सब तहसील व बाजार भी यहां पर स्थित है इसलिए गांव गवाह के समस्त ग्रामीणों ने इस बारे 15 दिसंबर 2019 को भी आपत्ति दर्ज करवाई थी, जिसकी प्रतिलिपि मुख्यमंत्री जयराम ठाकुर, पंचायती राज मंत्री, हिमाचल प्रदेश व निर्देशक पंचायती राज विभाग शिमला, उपायुक्त सोलन, जिला पंचायत राज अधिकारी, उप मंडल अधिकारी अर्की, खंड विकास अधिकारी, पंचायत प्रधान, सचिव को भी प्रेषित की गई थी। गांव गवाह के ग्रामीणों ने अनुरोध किया है कि गांव गवाह को ग्राम पंचायत दाड़लाघाट में ही यथावत रखा जाए व इसे नव गठित की जा रही ग्राम पंचायत बरायली में न जोड़ा जाए।
