नालागढ़ में ग्रीन हाइड्रोजन प्लांट तैयार, फरवरी 2027 से शुरू होगा उत्पादन
हिमाचल प्रदेश अब ग्रीन हाइड्रोजन के क्षेत्र में भी कदम बढ़ाने जा रहा है। सोलन जिले के नालागढ़ के दभोटा में प्रदेश का पहला 1 मेगावाट क्षमता वाला ग्रीन हाइड्रोजन प्लांट तैयार हो रहा है। प्लांट का निर्माण अंतिम चरण में पहुंच गया है और फरवरी 2027 से व्यावसायिक उत्पादन शुरू करने का लक्ष्य रखा गया है।
करीब 9.04 करोड़ रुपये की लागत से बनने वाली इस परियोजना को हिमाचल प्रदेश पावर कॉरपोरेशन लिमिटेड (HPPCL) और ऑयल इंडिया लिमिटेड के सहयोग से विकसित किया जा रहा है। इसके लिए दभोटा में करीब 4,000 वर्गमीटर जमीन चिन्हित की गई है।
प्लांट में अक्षय ऊर्जा से मिलने वाली बिजली के जरिए इलेक्ट्रोलिसिस प्रक्रिया से हाइड्रोजन तैयार की जाएगी। इसकी प्रस्तावित क्षमता प्रतिदिन 423 किलोग्राम ग्रीन हाइड्रोजन उत्पादन की है। यानी सालाना करीब 154.4 टन हाइड्रोजन उत्पादन का लक्ष्य है।
एक किलोग्राम हाइड्रोजन तैयार करने में करीब 13 लीटर पानी और लगभग 52 यूनिट बिजली की जरूरत होगी। पूरी क्षमता पर प्लांट को रोजाना करीब 22 हजार यूनिट बिजली की आवश्यकता रहने का अनुमान है।
अधिकारियों के अनुसार प्लांट में मशीनरी और तकनीकी उपकरणों की स्थापना लगभग पूरी हो चुकी है। अब परीक्षण और कमीशनिंग की प्रक्रिया के बाद फरवरी 2027 से उत्पादन शुरू करने की तैयारी है। तैयार ग्रीन हाइड्रोजन का इस्तेमाल उद्योगों, रसायन एवं उर्वरक क्षेत्र और परिवहन में किया जा सकेगा।
यह परियोजना हिमाचल के स्वच्छ ऊर्जा और कम-कार्बन अर्थव्यवस्था की दिशा में एक अहम कदम मानी जा रही है।
