दाड़लाघाट : लोगों को आशीर्वाद देने के लिए निकाली गुगा जाहर वीर की छड़ी गुगानवमी
मनोज शर्मा। दाड़लाघाट
रक्षाबंधन से शुरू हुई गुगा जाहर वीर की छड़ी गुगानवमी तक लोगों को आशीर्वाद देने के लिए निकल चुकी है, दाउटी पंचायत के फांजी गांवों की गुगाजी की छड़ी इन दिनों लोगों की मन्नत पूरी होने पर उनके घर जाकर आशीर्वाद दे रही है। कहते हैं कि कलयुग में गुगा ही एकमात्र ऐसे है, जो लोगों की मन्नतों को पूरा कर देते हैं और जब लोगों की मन्नते पूरी होती हैं, तो वो गुगाजी की छड़ी को अपने घर बुलाकर रातभर उनका गुणगान सुनते हैं और उनकी सेवा करते है गुगा छड़ी के संचालक दीपराम शर्मा ने बताया कि अब तो में अपनी नोकरी से रिटायर हो चुका हूं सो फ्री हु पर जब में नाैकरी में था, तो दस दिन तक मे गुगाजी की छड़ी के साथ चलता था व दस दिन हम कोई भी ओर कार्य नही करते थे। हमें आज 33 वर्ष गुगा जी की छड़ी के साथ चलते हो गए है।
वहीं, सबसे बुजुर्ग छड़ी संचालक लच्छि राम ने कहा कि लगभग 40 वर्ष छड़ी के साथ चलते हो गए हजारों लोगों की मन्नते पूरी होती हुई, हमने देखी है लोग बड़े ही आदर से गुगा जी का गुणगान सुनते हैं। वहीं, परसराम ने कहा कि हम सभी लोग सिर्फ नंगे पावों ही चलते हैं। आज तक कभी भी किसी भी भक्त को किसी भी जीव जंतु द्वारा हानि नही पहुंचाई गई, जबकि जगदीश मुकेश बलदेव सुभाष मदन ने कहा कि इन दस दिनों में हम सभी अपनी रोजमर्रा की जिंदगी त्याग देते है और छड़ी की सेवा में अपनी हाजिरी देते हैं, जबकि आजकल नई युवा पीढ़ी इस से दूर जा रही है, पर हम इस प्रथा र् अपनी सांस्कृतिक धरोहर को आगे ले जाना चाहते है। उन्होंने कहा कि जन्माष्टमी के दूसरे दिन गुगांवमी का पर्व होता है उस दिन तक हम सभी घर से बाहर ही रहते हैं। नवमी वाले दिन गीगाजी की छड़ी अपने स्थान पर दोबारा विराजमान हो जाएगी, उसके बाद जिसकी भी मनोकामना होगी, वहीं जय करेंगे।
