हिमाचल में PGI-AIIMS डॉक्टरों की मेरिट से होगी भर्ती, परीक्षा-इंटरव्यू से छूट
शिमला। हिमाचल प्रदेश सरकार ने मेडिकल कॉलेजों में डॉक्टरों की कमी दूर करने के लिए बड़ा फैसला लिया है। सरकार ने रेजिडेंट डॉक्टर्स नीति-2025 में संशोधन करते हुए पीजीआई चंडीगढ़ और एम्स दिल्ली से पोस्ट ग्रेजुएशन करने वाले डॉक्टरों को भर्ती प्रक्रिया में छूट दी है। अब इन डॉक्टरों को कुछ निर्धारित पदों पर नियुक्ति के लिए लिखित परीक्षा और इंटरव्यू नहीं देना होगा।
सरकार की ओर से जारी अधिसूचना के अनुसार, इन डॉक्टरों की नियुक्ति एमबीबीएस और पोस्ट ग्रेजुएशन में प्राप्त अंकों की मेरिट के आधार पर की जाएगी। इसके तहत प्रदेश के मेडिकल कॉलेजों में सीनियर रेजिडेंट, ट्यूटर और विशेषज्ञ चिकित्सकों के रिक्त पदों को भरा जाएगा।
डॉक्टरों की कमी दूर करने का प्रयास
प्रदेश के मेडिकल कॉलेजों में विशेषज्ञ डॉक्टरों की कमी को देखते हुए सरकार ने यह कदम उठाया है। मुख्यमंत्री सुखविंद्र सिंह सुक्खू के निर्देश पर स्वास्थ्य एवं चिकित्सा शिक्षा विभाग ने नीति में संशोधन की अधिसूचना जारी की है।
सरकार का मानना है कि इस फैसले से योग्य डॉक्टरों की नियुक्ति का रास्ता आसान होगा और मेडिकल कॉलेजों में मरीजों को बेहतर स्वास्थ्य सुविधाएं मिल सकेंगी
आधुनिक स्वास्थ्य सुविधाओं पर भी जोर
हिमाचल सरकार मेडिकल कॉलेजों में आधुनिक चिकित्सा सुविधाओं को बढ़ाने पर भी काम कर रही है। अस्पतालों में रोबोटिक सर्जरी और थ्री टेस्ला एमआरआई जैसी सुविधाएं उपलब्ध करवाई जा रही हैं। वहीं, पेट स्कैन मशीनें स्थापित करने की प्रक्रिया भी चल रही है।
सरकार का लक्ष्य डॉक्टरों की उपलब्धता बढ़ाने के साथ-साथ प्रदेश की स्वास्थ्य सेवाओं को और मजबूत करना है।
