हिमाचल: वित्त वर्ष 2026–27 के बजट से पहले CM लेंगे विधायकों से सुझाव, 2 दिन होंगी प्राथमिकता बैठकें
हिमाचल प्रदेश में वित्त वर्ष 2026–27 का बजट तैयार करने से पहले मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू ने प्रदेश के विधायकों की प्राथमिकताएं जानने के लिए बैठकें बुलाने का निर्णय लिया है। मुख्यमंत्री की अध्यक्षता में ये बैठकें 4 और 5 फरवरी को आयोजित की जाएंगी, जिनमें प्रदेश के सभी 68 विधायक अपने-अपने विधानसभा क्षेत्रों से जुड़ी प्राथमिकताओं को सरकार के समक्ष रखेंगे।
बैठक कार्यक्रम के अनुसार, 4 फरवरी को सुबह 10:30 बजे से 1:30 बजे तक कांगड़ा और कुल्लू जिला के विधायकों के साथ बैठक होगी। इसके बाद दोपहर 2 बजे से 5 बजे तक सोलन, चंबा, बिलासपुर, लाहौल-स्पीति और किन्नौर जिला के विधायकों को आमंत्रित किया गया है। इसी तरह 5 फरवरी को सुबह 10:30 बजे से 1:30 बजे तक शिमला और मंडी जिला के विधायकों के साथ बैठक होगी, जबकि दोपहर बाद 2 बजे से 5 बजे तक ऊना, हमीरपुर और सिरमौर जिला के विधायकों के साथ मुख्यमंत्री चर्चा करेंगे।
बताया गया है कि विधायक प्राथमिकता बैठकें हर वर्ष जनवरी और फरवरी माह में आयोजित की जाती हैं। इन बैठकों के माध्यम से सरकार यह आकलन करती है कि प्रदेश के विभिन्न क्षेत्रों में बुनियादी ढांचा, स्वास्थ्य, शिक्षा, सड़क, सिंचाई, पर्यटन और रोजगार से जुड़ी कौन-सी योजनाएं अधिक जरूरी हैं। इन बैठकों में सत्तापक्ष और विपक्ष दोनों के विधायक अपने-अपने विधानसभा क्षेत्रों की जरूरतों और विकास प्राथमिकताओं को सरकार के समक्ष रखते हैं। इसके अलावा विधायक वित्तीय संसाधन जुटाने, प्रशासनिक सुधार और योजनाओं के प्रभावी क्रियान्वयन को लेकर भी सुझाव दे सकते हैं।
सरकार इन सुझावों के आधार पर आगामी बजट में प्रावधान तय करती है, ताकि विकास योजनाएं केवल कागजों तक सीमित न रहें और उनका सीधा लाभ आम जनता तक पहुंच सके। यह प्रक्रिया सरकार और विधायकों के बीच समन्वय और सहभागिता को मजबूत करने का महत्वपूर्ण माध्यम मानी जाती है।
