हिमाचल में 5 लाख तक के टेंडर होंगे ऑफलाइन, आपदा प्रभावित क्षेत्रों में तेज होंगे बहाली के काम
हिमाचल प्रदेश में प्राकृतिक आपदा से प्रभावित क्षेत्रों में 5 लाख रुपये तक के रिस्टोरेशन कार्यों के टेंडर अब ऑफलाइन किए जा सकेंगे। राज्य सरकार ने इन कार्यों के लिए सचिवालय से दोबारा मंजूरी लेने की जरूरत को खत्म करते हुए प्रक्रिया आसान कर दी है।
नई व्यवस्था के तहत जिला उपायुक्तों की रिपोर्ट पर SDRF/NDRF के तहत स्वीकृत 5 लाख रुपये तक के कार्यों के टेंडर अधिशासी अभियंता स्तर पर ही ऑफलाइन किए जा सकेंगे। इससे आपदा से क्षतिग्रस्त सड़कों, पुलों, डंगों और अन्य छोटे बुनियादी ढांचे की जल्द मरम्मत शुरू हो सकेगी।
दरअसल, पहाड़ी क्षेत्रों में कई बार नेटवर्क की समस्या के कारण ठेकेदार ऑनलाइन टेंडर नहीं भर पाते थे। सिंगल बिड या नो-बिड की स्थिति में दोबारा टेंडर प्रक्रिया करनी पड़ती थी। इसके चलते चंबा, मंडी, कुल्लू और शिमला समेत कई क्षेत्रों में रिस्टोरेशन के काम अटके हुए थे।
ऑफलाइन प्रक्रिया से 2 से 3 दिन में काम अवार्ड होने की उम्मीद है। इससे सड़क की रिटेनिंग वॉल, कलवर्ट और अन्य छोटे मरम्मत कार्य तेजी से शुरू किए जा सकेंगे। स्थानीय ठेकेदारों को भी फायदा होगा, खासकर उन लोगों को जिनके पास डिजिटल सिग्नेचर या ऑनलाइन टेंडर प्रक्रिया के लिए जरूरी संसाधन नहीं हैं।
यह छूट आपदा प्रभावित घोषित क्षेत्रों और 2025-26 मानसून आपदा से जुड़े रिस्टोरेशन कार्यों के लिए दी गई है। उद्देश्य बारिश और आपदा से क्षतिग्रस्त सड़क संपर्क को जल्द बहाल करना और सर्दी शुरू होने से पहले जरूरी काम पूरा करना है।
हालांकि, 5 लाख रुपये से अधिक लागत वाले कार्यों के लिए ऑनलाइन टेंडर प्रक्रिया जारी रहेगी। ऑफलाइन किए गए टेंडर का रिकॉर्ड और तुलनात्मक विवरण भी ऑनलाइन पोर्टल पर अपलोड करना अनिवार्य होगा, ताकि प्रक्रिया का पूरा रिकॉर्ड उपलब्ध रहे।
