कुनिहार : 13 साल की उम्र में घर छोड़कर चला गया रायपुर बोकरा का बाबूराम 40 साल बाद वृंदावन में मिला
कुनिहार के साथ लगती जाडली पंचायत के गांव रायपुर बोकरा का बाबूराम पुत्र सीताराम 13 साल की उम्र में घर छोड़कर चला गया था, जो 40 साल बाद परिजनों को वृंदावन में मिला है। उसे देखकर परिजन बहुत खुश हुए। बाबूराम के जीजा राम चंद पाल ने बताया कि बाबूराम जब आठवीं कक्षा में कोटी स्कूल में पढ़ता था तो स्कूल में बच्चों के साथ किसी बात को लेकर उसका झगड़ा हो गया। घर में मार पड़ने के डर के कारण बाबूराम घर ही नहीं गया। उस समय उसकी आयु 13 वर्ष थी। परिजनों ने उसे हर जगह ढूंढा, लेकिन उसका कोई पता नहीं चला। कुछ सालों बाद परिजनों ने उसके मिलने की उम्मीद ही छोड़ दी।
वहीँ, कुछ समय पहले क्षेत्र से वृंदावन यात्रा पर गए लोगों ने उसे वृंदावन में देखा और उससे बात करनी चाही, पर वह बात नहीं कर रहा था। जब उन्होंने उसे बताया कि उसकी मां की मृत्यु हो गई है तो वह रोने लगा। इस पर उन्हें यकीन हो गया कि यह बाबूराम ही है। जब इन लोगो ने वापस आकर उसके परिवार वालों को यह बात बताई तो उनकी खुशी का कोई ठिकाना न रहा।
पता लगते ही बाबूराम के भाई अमर सिंह, मुंशीराम व बहन ललिता पाल वृंदावन के लिए निकल पड़े और वहां अपने 40 साल पहले बिछुड़े भाई से मिलकर बहुत खुश हुए। बाबूराम वृंदावन में सन्यासी का जीवन व्यतीत कर रहा है। उसने बताया कि वह वहां बहुत आनन्द में है और घर आने का उसका कोई विचार नही है।
