कुनिहार : शिव तांडव गुफा कुनिहार में भक्तों ने सुनी शिव महापुराण कथा
कहते हैं कि भगवान की कथा सुनने मात्र से जन्मजन्मांतर के कष्ट दूर हो जाते हैं। कथा को सुनकर कथा वाचक द्वारा दिए प्रवचनों का अगर प्राणी सच्ची निष्ठा से पालन करे, तो कोई भी कष्ट व मोह माया उसे छु भी नहीं सकती। आए दिन कहीं न कहीं किसी न किसी मंदिर में भगवान की कथाएं चली रहती हैं और लोग हजारों की संख्या में इन कथाओं को सुनने पहुंचते हैं, लेकिन कुछ ही लोग होते हैं, जो कुछ न कुछ इन कथाओं से मिले ज्ञान पर अमल कर उस रास्ते पर चलने को आतुर हो जाते हैं। और भगवान के प्रति अपने आप को सच्चे मन व भाव से समर्पित कर देते हैं।
ऐसा ही एक उदारहण प्राचीन शिव तांडव गुफा कुनिहार में देखने को मिला जंहा एक भगत ने गुफा में चल रही शिव महापुराण कथा में कथा वाचक नागेश कपिल के द्वारा दिए प्रवचनों जिसमे उन्होंने श्रोताओं को शिवलिंग पर चढ़ाई जाने वाले बिलपत्र के महत्व व उसके फल के बारे बताया। उन्होंने बताया कि ज्यादातर तीन पत्तों की बिलपत्र ही पाई जाती है, लेकिन बिलपत्र 4 व 5 तथा इससे अधिक पत्तों के भी होते हैं, जो बहुत कम भाग्य से ही मिलते हैं। कथा सुनकर नाम न लिखे जाने की शर्त पर शिव भक्त ने बताया कि हमें तीन पत्तों वाले बिलपत्र की तो जानकारी थी, लेकिन जब उपरोक्त कथा में बिलपत्र बारे सुना तो 3 पत्तों से अधिक पत्तों को ढूढंना शुरू किया व आखिरकार पांच पत्तों वाला बिलपत्र मिला जिसे आज ही गुफा में विराजमान प्राकृतिक शिवलिंग पर अर्पित किया।
