कुनिहार: प्राचीन शिव मंदिर में चल रहे शिव महापुराण कथा के सातवें दिन श्रोताओं ने सुना शिव विवाह का प्रसंग
कुनिहार के समीप जाबल झमरोट पँचायत के प्राचीन शिव मंदिर में मन्दिर निर्माण कमेटी के सौजन्य से शिवरात्रि के उपलक्ष्य में करवाई जा रही 11 दिवसीय शिव महापुराण कथा के सातवे दिन कथा वाचक चंद्रशेखर शर्मा ने कथा के कई प्रसंग श्रोताओं को सुनाएं। आचार्य ने शिव विवाह का सुंदर वृतांत सुनाते हुए कहा कि जब भगवान शिव की बारात माता पार्वती के विवाह उत्सव में पहुंची तो बारात को देखकर सब हैरान व भयभीत हो गए क्योंकि शिवजी की बारात में सभी बाराती राक्षशस थे। शिव भगवान स्वयं भस्म लगाकर गले में नागों की माला डाले दूल्हा बने हुए थे। कथा के इस प्रसंग का श्रोताओं ने खूब आनन्द उठाया। कथा के अगले प्रसंग में आचार्य ने भगवान कृष्ण व रुक्मणि विवाह का भी वृतांत सुनाया। बता दें कि कथा के दौरान सुंदर भजनों के साथ आकर्षक झांकियों को भी दर्शाया जा रहा है। कमेटी प्रधान राम परिहार व महासचिव बीरबल परिहार ने जानकारी देते हुए बताया कि यह कथा 19 फरवरी तक चलेगी। कथा में दूर-दूर से भारी संख्या में श्रोता पहुंच रहे है। प्रतिदिन कमेटी द्वारा कथा के उपरांत भण्डारे का आयोजन भी किया जा रहा है।
