सरकार से उपचुनाव से पहले नये वेतनमान और महगाई भते की किस्तें जारी करने की माँग
प्रदेश कर्मचारी महासंघ के पूर्व सचिव व जिला महासंघ मण्डी के पूर्व अध्यक्ष और भारतीय राज्य पैन्शनर्ज महासंघ के प्रदेश महा मंत्री इन्दर पाल शर्मा ने प्रदेश सरकार द्वारा गत दिनो अराज पत्रित कर्मचारियो के अश्वनी कुमार गुट को मान्यता दिये जाने पर हैरानी व्यक्त की है । शर्मा ने कहा की इस समय प्रदेश में कर्मचारियो का एक एन आर, दुसरा विनोद कुमार व तीसरा अश्वनी गुट हैं। तथा कर्मचारी तीन धड़ों में बंटे हैं । ऐसे में एक गुट को मान्यता देकर 2 गुटों की अनदेखी करना उचित नहीं है । सरकार ने उपचुनाव के समय में ऐसा कदम उठा कर भारी भुल की है। इन्दर पाल शर्मा ने कहा कि सरकार को किसी एक गुट को मान्यता न देकर तीनो गुटों की एक समन्वय समिति का गठन करना चाहिये था और तीनो गुटों के प्रमुख पदाधिकारियों के साथ सँयुक्त सलाहकार समिति की बैठक का आयोजन करना चाहिए था। उन्होंने कहा कि अब भी समय है यदि सरकार प्रदेश के 2 लाख कर्मचारियों का विश्वास जितना चाहती है तो तीनो गुटों की समन्वय समिति बना कर उनसे वार्ता करे। इन्दर पाल शर्मा ने कहा कि सरकार को प्रदेश के पैन्शनरो के लिए भी यही नीति अपना कर उनके साथ शीघ्र वार्ता करनी चाहिये। तभी प्रदेश के 2लाख कर्मचारियो व 1•5 लाख पैन्शनरो के साथ सरकार के मधुर संबंध बने रह सकते हैं । शर्मा ने सरकार से उप चुनाव से पहले नये वेतनमान जारी करने और महगाई भते की किस्तें जारी किये जाने की भी माँग की है ।
