मधु ठाकुर, यूट्यूब के माध्यम से कर रहीं हिमाचली संस्कृति का प्रचार
घनागुघाट पंचायत के गांव कुन्नी निवासी मधु ठाकुर यूट्यूब चैनल से हिमाचली कल्चर को सात समंदर पार विदेशों तक पहुंचा रही है। यूट्यूब पर हिमाचली ब्लॉगर मधु ठाकुर व हिमाचली ऑलराउंडर नाम से मधु के दो चैनल चल रहे है। एक साल पहले शुरू किए गए इन चैनलों पर एक लाख के करीब सब्सक्राइबर हो चुके हैं। जल्द ही एक चैनल को सिल्वर बटन भी मिलने वाला है। देश के बाहर अमरीका, कनाडा, जर्मनी, इंग्लैंड, स्पेन, फ्रांस, इटली साउथ अफ्रीका आदि देशों में भी मधु का पहाड़ी कल्चर लोगों को खूब भा रहा है। अपनी वीडियों में मधु पहाड़ी संस्कृति, रीति रिवाज, गीत, नृत्य, पहनावे, गांव की जीवन शैली के साथ डेयरी फार्मिंग से सम्बंधित जानकारी देती हैं।
मधु ठाकुर ने बताया कि परिवार की माली हालत अच्छी नहीं थी, बावजूद इसके कभी सुविधाओं के अभाव का रोना नहीं रोया। पति के पास नोकरी नहीं थी, खेती बाड़ी और दिहाड़ी मजदूरी से परिवार का गुजारा होता था। उसने पति के साथ कंधे से कंधा मिलाकर खूब मेहनत की, खेती बाड़ी के साथ साथ दूध का उत्पादन भी किया और परिवार की आर्थिकी बढ़ाई। दूध बेच कर ही पक्का घर बनाया और एक कार भी खरीदी। हमेशा से अपने पहाड़ी कल्चर और पशुओं के प्रति प्रेम को प्रमोट करने का सपना था। यूट्यूब से एक ऐसा प्लेटफार्म मिला जिसमें प्रमोशन के साथ साथ अर्निंग भी होने लगी। मधु चैनल के लिए एक साल में ढाई सौ से अधिक वीडियों बना चुकी है। यूट्यूब से होने वाली इनकम को वो दुग्ध उत्पादन में गायों के लिए बडा शेड बनाने में खर्च कर रही है।
मधु ने बताया कि एक साल पहले उसने एक महिला ब्लॉगर से प्रेरित होकर चैनल शुरू किया था। शुरू में लोग हतोत्साहित करने के लिए कॉमेंट करते थे कि अब गोबर उठाने वाले भी ब्लॉगिंग करने लग गए है। नेगेटिव कॉमेंट्स से आहत नहीं हुई बल्कि वीडियो बनाने जारी रखे और कंटेंट को बेहतर किया। लोगों को सादे पहाड़ी कल्चर के साथ डेयरी का कंटेंट इतना पसंद आया कि साल भर में ही सुब्स्क्रिबेरो की संख्या एक लाख के आसपास पहुचने लगी। देश के बाहर विदेशों में भी चैनलों के सब्स्क्रिईबर है, जो उनके बनाए वीडियो बहुत पसंद करते है। मधु अपने वीडियो में युवा पीढ़ी को अपनी माटी से जुड़े रहने, जिम के अलावा खेतों में भी कड़ी मेहनत कर पसीना बहाने के लिए प्रेरित करती है।
